Asin taan uss rog de rogi haan
jithe maut ni aundi
bhawe jehar lagan mithe mithe
ਅਸੀਂ ਤਾਂ ਉਸ ਰੋਗ ਦੇ ਰੋਗੀ ਹਾਂ
ਜਿੱਥੇ ਮੌਤ ਨੀ ਆਉਂਦੀ
ਭਾਂਵੇ ਜ਼ਹਿਰ ਲੱਗਣ ਮਿੱਠੇ ਮਿੱਠੇ
Asin taan uss rog de rogi haan
jithe maut ni aundi
bhawe jehar lagan mithe mithe
ਅਸੀਂ ਤਾਂ ਉਸ ਰੋਗ ਦੇ ਰੋਗੀ ਹਾਂ
ਜਿੱਥੇ ਮੌਤ ਨੀ ਆਉਂਦੀ
ਭਾਂਵੇ ਜ਼ਹਿਰ ਲੱਗਣ ਮਿੱਠੇ ਮਿੱਠੇ
मेरे बजूद में काश तू उतर जाए,
मैं देखूं आईना और तू नज़र आये,
तू हो सामने और ये वक्त ठहर जाए,
और ये जिंदगी तुझे देखते हुए गुज़र जाए।🥰
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
ठोकरें बहुत है राह में,बीत गए वो दिन रैन,
सोचा ना था यूं सौदा करूंगा,
बूंदों सी बारिश में प्यासा चलूंगा,
पसीने से तर है दामन मेरा
कैसे बायां करूं हाल ए दिल अपना के,
कैसे भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
शाम भी बीत गई, सूरज भी ढल गया,
रास्तों पर निकला तो वक्त भी बदल गया,
ठोकरें बहुत खाई अब थोड़ा संभाल गया,
किससे कहूं फिर भी भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बैचेन,
मेरा हिस्सा था जिनमें कुछ लम्हे चुरा लाया हूं,
हर कदम के साथ कुछ करीब आया हूं,
किनारों पर समेटकर कुछ लेहरें लाया हूं,
दो पल ही सही वापस आए वो दिन रैन,
मै ही हूं वो मुसाफिर, मै ही था बेचैन…