
ab to dard bhi nahi mere alfaazo me
tu taaro se poochti hai haal mera
arey woh bhi ro padtey hai mere halaato pe

आओ सुनाओ अपने जीवन की कथा
नाम है पेड़ दूर करता हूं सब की व्यथा
कितना विशाल कितना घना हूं
फल और फूलों से लदा हूं
मेरी ही छाया में आकर
तुम अपनी थकान मिटाते हो
मीठे फल और सुंदर फूल
तुम मुझसे ही ले जाते हो
दूषित हवा तुम मुझको देकर
खुद प्राणवायु मुझसे पाते हो
अपने ही जीवन के आधार पर
तुम कुल्हाड़ी जब बरसाते हो
मुझसे ही मेरा सब कुछ लेकर
तुम दर्द मुझे दे जाते हो
देता हूं बारिश का पानी
हरियाली मुझसे पाते हो
करता हूं इतने उपकार
फिर भी सहता तुम्हारे अत्याचार
ਗੋਰੇ ਰੰਗ ਤੇ ਅਸੀਂ ਮਰਦੇ ਨਾਂ,
ਦਿੱਲ ਸਾਫ਼ ਦੀ ਕਦਰ ਕਰਦੇ ਹਾਂ,
ਪਿਆਰ ਤਾਂ ਸਿਰਫ ਇਕ ਨੂੰ ਕਰਾਂਗੇ,
ਹਰ ਕਿਸੇ ਤੇ ਅਸੀਂ ਮਰਦੇ ਨਾਂ