
ab to dard bhi nahi mere alfaazo me
tu taaro se poochti hai haal mera
arey woh bhi ro padtey hai mere halaato pe

Wo raat thi kuch khaas si….,
Us raat ki kya baat thi…..,
Wo ishq ki shuruaat thi…..,
Wo theek mere hi pass thi…,
Takra rahi thi saans bhi…..,
Doori bachi thi bas naam ki……
Shabd mere ladkhada rhe the….,
Ashq palkon pe chaa rhe the…..,
Dekhta tha jab main usko , wo ishq seene me laa rhe the….
Wo ankhen palkon se jhaakti….,
Wo hasna uska tha laazmi….,
Ek khwab dekha tha kaafi pehle ,
Shayad wo poora ho aj hi…..
Aj yaad ayii hai uski fir , to Shabdon me bayan kiya……..,
Khwabon aur yaadon ko maine fir sabha me jama kiya……..
ये रिश्ता है हंसी मजाक का,
हंसी वाली मुस्कान और गम वाले आंसू का,
छोटी-छोटी बातों पर रूठ जाने का,
और फिर खुद ही मान जाने का,
यह रिश्ता है भाई और बहन का…!!
बहन वो जो हर आंसू छुपा दे भाई की खुशी के लिए,
और भाई वो जो हर हद पार कर दे बहन की खुशी के लिए,
बहन वो जो है राखी पर अपने प्यार को,
धागे में संजोकर भाई की कलाई पर बांध दें,
और भाई वो जो बहन की तकलीफ को,
देखकर दुनिया का हर बंधन तोड़ दे…!!
यह रिश्ता है चिड़ने का और चिड़ाने का,
शरारतों के पिटारो का,
कहीं और अनकही बातों का,
यह रिश्ता है बचपन की यादों का,
यह रिश्ता है प्यार की बगिया में विश्वास के फूल का…!!
जिसकी पंखुड़ी हर आंसू पी जाती है,
जिसको देखकर चेहरे पर सिर्फ खुशी रह जाती है,
जिसकी खुशबू जहन में और जिसकी तस्वीर यादों में,
हमेशा के लिए कैद हो जाती है,
यह रिश्ता है एक भाई का उसकी बहन से,
रिश्ता है मेरी राखी का तेरी कलाई से,
यह रिश्ता है भाई दूज के तिलक से,
रिश्ता है भाई और बहन का…!!
यह रिश्ता है भाई और बहन का…!!