
ab to dard bhi nahi mere alfaazo me
tu taaro se poochti hai haal mera
arey woh bhi ro padtey hai mere halaato pe

Deed teri 👉paune nu chahwe🙈
Ke akhiyan nu lod teri😍..!!
Chehra tera😇 hi ehna ch vas jawe❤️
Ke akhiyan nu lod teri😍..!!
ਦੀਦ ਤੇਰੀ 👉ਪਾਉਣੇ ਨੂੰ ਚਾਹਵੇ🙈
ਕਿ ਅੱਖੀਆਂ ਨੂੰ ਲੋੜ ਤੇਰੀ😍..!!
ਚਿਹਰਾ ਤੇਰਾ 😇ਹੀ ਇਹਨਾਂ ‘ਚ ਵੱਸ ਜਾਵੇ❤️
ਕਿ ਅੱਖੀਆਂ ਨੂੰ ਲੋੜ ਤੇਰੀ😍..!!
👧 *बाँझपन एक कलंक क्यों ???*👧
एक औरत माँ बने तो जीवन सार्थक
अगर माँ न बने तो जीवन ही निरथर्क,
किसने कहा है ये, कहाँ लिखा है ये,
कलंकित बोल-बोल जीवन बनाते नरक।
बाँझ बोलकर हर कोई चिढ़ाते,
शगुन-अपशगुन की बात समझाते।
बंजर ज़मीं का नाम दिया है मुझे,
पीछे क्या, सामने ही मेरा मज़ाक़ उड़ाते।
ममत्व का पाठ मैं भी जानती,
हर बच्चे को अपना मानती,
कोख़ से जन्म दूँ, ज़रूरी नहीं,
लहू का रंग मैं भी पहचानती।
आँचल में मेरे है प्यार भरा,
ममता की मूरत हूँ देख ज़रा,
क़द्र जानूँ मैं बच्चों की,
नज़र से मुझे ज़माने न गिरा।
कलंक नहीं हूँ इतना ज़रा बता दूँ,
समाज को एक नया पाठ सीखा दूँ,
बच्चा न जन्म दे सकी तो क्या,
समाज पे बराबर का हक़ मैं जता दूँ।
समाज पे बराबर का हक़ मैं जता दूँ।