Humare saath saath
woh bhi guzar rahe hai,
bheege asmaan me
sukhe sapne pade hai.
Humare saath saath
woh bhi guzar rahe hai,
bheege asmaan me
sukhe sapne pade hai.
कितने गुज़र गए ज़माने यूँ ज़ख्म खाने में,
बडा वक़्त लगाते हो यार मरहम लगाने में.
दासबर्दार तेरे इश्क़ में आशनाई गवा बैठे,
बावर्णा दिल-खवा अपने भी थे ज़माने में.
जो क़ल्ब परोसता है ग़ज़लों में बेदिली से मुसाहिब,
मुझे भी तोह सुना कोनसा ग़म है तेरे अफ़साने में.
मेरा ग़म कौन जाने मैं पौधा ही जानू हिज्र-ए-गुल,
बीस दिन लगते है अशर कली को फूल बनाने में…
Teri sadgi😇teri aazizi ❣️teri har adaa kamal hai😍
Mujhe fakhr hai😊 mujhe naaz hai🤗 mera yar bemisaal hai😘
तेरी सादगी😇तेरी आज़ीज़ी❣️ तेरी हर अदा कमाल है😍
मुझे फख्र है😊मुझे नाज़ है🤗मेरा यार बेमिसाल है😘