sang-e-maramar se taraasha khuda ne tere badan ko,
baakee jo patthar bacha usase tera dil bana diya..
संग-ए-मरमर से तराशा खुदा ने तेरे बदन को,
बाकी जो पत्थर बचा उससे तेरा दिल बना दिया…
Enjoy Every Movement of life!
sang-e-maramar se taraasha khuda ne tere badan ko,
baakee jo patthar bacha usase tera dil bana diya..
संग-ए-मरमर से तराशा खुदा ने तेरे बदन को,
बाकी जो पत्थर बचा उससे तेरा दिल बना दिया…
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
