sang-e-maramar se taraasha khuda ne tere badan ko,
baakee jo patthar bacha usase tera dil bana diya..
संग-ए-मरमर से तराशा खुदा ने तेरे बदन को,
बाकी जो पत्थर बचा उससे तेरा दिल बना दिया…
sang-e-maramar se taraasha khuda ne tere badan ko,
baakee jo patthar bacha usase tera dil bana diya..
संग-ए-मरमर से तराशा खुदा ने तेरे बदन को,
बाकी जो पत्थर बचा उससे तेरा दिल बना दिया…
1) भारत में शिक्षकों के सम्मान में 1962 से प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
2) यह दिन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाते हैं।
3) वह भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दुसरे राष्ट्रपति थें।
4) महान शिक्षक के रूप में इनके योगदान के लिए इन्हें 1954 में भारत रत्न प्राप्त हुआ।
5) प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में शिक्षक का महत्ववपूर्ण योगदान रहता है।
6) एक छात्र को उसके जीवन की सही दिशा तय करने का मार्ग शिक्षक ही दिखाता है।
7) इस दिन छात्र अपने गुरुओं के सम्मान में उन्हें उपहार देते हैं।
8) स्कूल, कॉलेज में छात्र मिलकर शिक्षकों के लिए कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
9) यह समारोह शिक्षकों के समर्पण और उपलब्धियों का प्रतीक है।
10) विश्व भर मे 100 से ज्यादा देश अपने तय तारीख पर शिक्षक दिवस मनाते हैं।