sang-e-maramar se taraasha khuda ne tere badan ko,
baakee jo patthar bacha usase tera dil bana diya..
संग-ए-मरमर से तराशा खुदा ने तेरे बदन को,
बाकी जो पत्थर बचा उससे तेरा दिल बना दिया…
sang-e-maramar se taraasha khuda ne tere badan ko,
baakee jo patthar bacha usase tera dil bana diya..
संग-ए-मरमर से तराशा खुदा ने तेरे बदन को,
बाकी जो पत्थर बचा उससे तेरा दिल बना दिया…
तुझें कुछ भी न करना हैं,
मुझको दिवाना बनाने के लिए,
तेरी ये आंखों का काजल ही काफी है,
मेरी धड़कनों को बढ़ाने के लिए….
पाया तुझें तो सपने भी सच लगने लगे,
तुम अज़नबी से आज मेंरे अपने लगने लगे,
होता नहीं यकीन अपने खुद के किस्मत पर,
तुम मेरी धड़कन में कुछ इस तरह बसने लगे..
