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Baat din ki nahi ab || Hindi shayari

बात 🤔दिन की🤪 नहीं अब ❌रात से ड़र 😬लगता है😨😨
घर 🏠है कच्चा बरसात🌨️ से ड़र लगता 😨है,
प्यार को ❤️छोड़कर तुम कोई 🤔और बात कर👍 लो🤩🤩🤩
अब मुझे 😁प्यार की❤️ हर बात से ड़र 😨लगता है

Title: Baat din ki nahi ab || Hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Gulab kya bheju || hindi shayari dosti

Soch raha tha k jawab kya bheju,
aap jaise dost ko toofa kya bheju,
guldasta bhejna to bewakufi hogi,
kyu k jo khud gulab hai use gulab kya bheju…?

Title: Gulab kya bheju || hindi shayari dosti


Jab sath ho tum || hindi poetry || love poetry

मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब राहो में मेरे साथ हो तुम।

मुझे नहीं चाहिए दौलत सूरत
मेरी इक बस अरमान हो तुम।

बंजर पड़ी मेरी ज़िंदगी को
शोभन करे वो बरसात हो तुम।

मेरी कौफ सी काली रातो को
रोषण करे वो चांद हो तुम।

मेरा दिन बन जाता लबो पे आते
वो खुदा सुनहरा नाम हो तुम।

मेरी हर मुश्किल को चीर के आगे
वो धनुष से निकला बान हो तुम।

मेरी हर दर्द को दुर करे
मलहम सा लगा बाम हो तुम।

मुझे क्या जरूरत किसी ऑर सक्स की
जब हर लम्हों में साथ हो तुम।

मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।

जो तन को पल में सीतल कर दे
वो सुबह की पहली आजन हो तुम।

जो सह ले हर करवी बाते
वो मधुर मीठी मुस्कन हो तुम।

जो राहत से भितम गरमी से
वो पेरो की ठंडी छाओ हो तुम।

खोल दे आखे सही वक्त पे
वो शोर करती आलार्म हो तुम।

मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।।

Title: Jab sath ho tum || hindi poetry || love poetry