बात 🤔दिन की🤪 नहीं अब ❌रात से ड़र 😬लगता है😨😨
घर 🏠है कच्चा बरसात🌨️ से ड़र लगता 😨है,
प्यार को ❤️छोड़कर तुम कोई 🤔और बात कर👍 लो🤩🤩🤩
अब मुझे 😁प्यार की❤️ हर बात से ड़र 😨लगता है
बात 🤔दिन की🤪 नहीं अब ❌रात से ड़र 😬लगता है😨😨
घर 🏠है कच्चा बरसात🌨️ से ड़र लगता 😨है,
प्यार को ❤️छोड़कर तुम कोई 🤔और बात कर👍 लो🤩🤩🤩
अब मुझे 😁प्यार की❤️ हर बात से ड़र 😨लगता है
Soch raha tha k jawab kya bheju,
aap jaise dost ko toofa kya bheju,
guldasta bhejna to bewakufi hogi,
kyu k jo khud gulab hai use gulab kya bheju…?
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब राहो में मेरे साथ हो तुम।
मुझे नहीं चाहिए दौलत सूरत
मेरी इक बस अरमान हो तुम।
बंजर पड़ी मेरी ज़िंदगी को
शोभन करे वो बरसात हो तुम।
मेरी कौफ सी काली रातो को
रोषण करे वो चांद हो तुम।
मेरा दिन बन जाता लबो पे आते
वो खुदा सुनहरा नाम हो तुम।
मेरी हर मुश्किल को चीर के आगे
वो धनुष से निकला बान हो तुम।
मेरी हर दर्द को दुर करे
मलहम सा लगा बाम हो तुम।
मुझे क्या जरूरत किसी ऑर सक्स की
जब हर लम्हों में साथ हो तुम।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।
जो तन को पल में सीतल कर दे
वो सुबह की पहली आजन हो तुम।
जो सह ले हर करवी बाते
वो मधुर मीठी मुस्कन हो तुम।
जो राहत से भितम गरमी से
वो पेरो की ठंडी छाओ हो तुम।
खोल दे आखे सही वक्त पे
वो शोर करती आलार्म हो तुम।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।।