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bachpan wali baat || Bachpan Hindi shayari

Kya hua jo abb tu mere saath nahi hai,
Ab pehle jaisa din aur raat nahi hai
is baat ka malaal nahi hai mujhe, malaal to yeh hai
ki abb jeene me woh bachpan wali baat nahi hai

क्या हुआ जो अब तु मेरे साथ नहीं है,
अब पहले जैसा दिन और रात नहीं है,
इस बात का मलाल नहीं है मुझे, मलाल तो ये है,
की अब जीने में वो बचपन वाली बात नहीं है।

– विक्रम

Title: bachpan wali baat || Bachpan Hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Bachpan || hindi shayari || heart touching

Karlo ibadat bhi is waqt se,
Ke laut aaye bachpan ek baar fir
Jab rukte nahi the pair khuwabon ke piche se
Daudti rahe ye dhadkan ek bar fir…❤️

करलो इबादत भी इस वक्त से,
के लौट आए बचपन एक बार फिर…
जब रुकते नहीं थे पैर ख्वाबों के पीछे से,
दौड़ती रहे ये धड़कन एक बार फिर…❤️

Title: Bachpan || hindi shayari || heart touching


Badhte raho || मंज़िल की ओर…|| hindi poetry

सफर जारी है मंज़िल को पाने की।
जंग से लड़ना ही रीत है जहां की।।
बैठे रहने से कुछ भी नसीब नहीं ।
नसीब के भरोसे अकर्मण्यों ने ज़िन्दगी जियी।।

कर पूजन कर्म का तू।
मन में रख कर हौंसला । ।
हौंसला यदि हो बुलन्द।
तय होगा हर फासला।।
ज़िन्दगी समय से है , समय ही ज़िन्दगी ।
यूं न जाने दो समय को , नहीं मिलेगी कोई ख़ुशी।।
कर हर काम समय पर , ज़िन्दगी तुम्हे आसमान पर ला देगी ।
सफलता की सीढिया कदमों पर झुका देगी।।
लड़ो ज़िन्दगी की हर एक जंग से ।
न हारो वक़्त रूपी तुरंग से।।
पल पल अनमोल है ज़िन्दगी की ।
केवल परिश्रम हो तो मिलेगी हर ख़ुशी।।
मंज़िल को पाना आसान नहीं ।
पर मंज़िल को ही छोड़ देना हल नहीं । ।
पार कर राहों के कांटो को ।
बढ़ते रहो मंज़िल की ओर।।

Title: Badhte raho || मंज़िल की ओर…|| hindi poetry