Jhatt akhan nam kar laindi e
Dss kehreyan dukha di maari e..!!
Chall bada ro leya zinde ne
Hun khush rehan di vaari e..!!
ਝੱਟ ਅੱਖਾਂ ਨਮ ਕਰ ਲੈਂਦੀ ਏ
ਦੱਸ ਕਿਹੜਿਆਂ ਦੁੱਖਾਂ ਦੀ ਮਾਰੀ ਏ..!!
ਚੱਲ ਬੜਾ ਰੋ ਲਿਆ ਜਿੰਦੇ ਨੀ
ਹੁਣ ਖੁਸ਼ ਰਹਿਣ ਦੀ ਵਾਰੀ ਏ..!!
Jhatt akhan nam kar laindi e
Dss kehreyan dukha di maari e..!!
Chall bada ro leya zinde ne
Hun khush rehan di vaari e..!!
ਝੱਟ ਅੱਖਾਂ ਨਮ ਕਰ ਲੈਂਦੀ ਏ
ਦੱਸ ਕਿਹੜਿਆਂ ਦੁੱਖਾਂ ਦੀ ਮਾਰੀ ਏ..!!
ਚੱਲ ਬੜਾ ਰੋ ਲਿਆ ਜਿੰਦੇ ਨੀ
ਹੁਣ ਖੁਸ਼ ਰਹਿਣ ਦੀ ਵਾਰੀ ਏ..!!
जाते जाते एक उम्दा तालीम दे गया, वो मुसाफिर, खुदकी तलाश में घर से निकल गया, वो मुसाफिर, सोचा साथ जाऊं मैं भी, पर जाऊंगा कहां, जा चुका होगा मीलों दूर, उसे पाऊंगा कहां, इसी सोच में रात हुई, नींद का झोंका आ गया, सुबह आंखे खुली तो सोचा, क्या वो मौका आज आ गया ? के चला जाऊं सबसे इतना दूर के कुछ ना हो, गहरी नींद में बेड़ियां मिले पर सचमुच ना हो, सच हो तो बस आसमां में परिंदो सी उड़ान हो, चाहूंगा हर सितमगर का बड़ा सा मकान हो, वहां आवाज़ देकर झोली फैलाएगा वो मुसाफिर, तुम्हे देख भीगी पलकें उठाएगा वो मुसाफिर, मोहब्बत से एक रोटी खिलाकर देखना तुम, शोहरत से दामन भर जाएगा वो मुसाफिर...

Na me ohda ho sakeya te na kise gair da
ohne kade mainu apnayea nai,
te yaadan ohdiyaan ne kade gair na samjheya