Jhatt akhan nam kar laindi e
Dss kehreyan dukha di maari e..!!
Chall bada ro leya zinde ne
Hun khush rehan di vaari e..!!
ਝੱਟ ਅੱਖਾਂ ਨਮ ਕਰ ਲੈਂਦੀ ਏ
ਦੱਸ ਕਿਹੜਿਆਂ ਦੁੱਖਾਂ ਦੀ ਮਾਰੀ ਏ..!!
ਚੱਲ ਬੜਾ ਰੋ ਲਿਆ ਜਿੰਦੇ ਨੀ
ਹੁਣ ਖੁਸ਼ ਰਹਿਣ ਦੀ ਵਾਰੀ ਏ..!!
Jhatt akhan nam kar laindi e
Dss kehreyan dukha di maari e..!!
Chall bada ro leya zinde ne
Hun khush rehan di vaari e..!!
ਝੱਟ ਅੱਖਾਂ ਨਮ ਕਰ ਲੈਂਦੀ ਏ
ਦੱਸ ਕਿਹੜਿਆਂ ਦੁੱਖਾਂ ਦੀ ਮਾਰੀ ਏ..!!
ਚੱਲ ਬੜਾ ਰੋ ਲਿਆ ਜਿੰਦੇ ਨੀ
ਹੁਣ ਖੁਸ਼ ਰਹਿਣ ਦੀ ਵਾਰੀ ਏ..!!
सुना है लोग तुझे आँखें भरकर देखते हैं , है मन में क्या उनके ये तो सवाल कर ।
माना लोगों की फितरत अब अच्छी नहीं , अपनी इज्जत का तू तो ज़रा ख्याल कर ।।
बादस्तूर चलती रही नाराजगी जिंदगी में , वक्त बेवक्त काफिर सा न मेरा हाल कर ।
मेरी आदतों में शूमार है तेरी मोहब्बत का सबब , खुदा का शुक्र मना बेवजह न मलाल कर ।।
बागी मिजाज़ रहा दिल का चाहतों के गुबार में , जिससे कभी मोहब्बत थी उससे अब नफरत भी बेमिसाल कर ।
क्या हुआ जो दुआ भी कुबूल न हुई , हासिल कर अपने दर्द को कुछ तो अब बवाल कर ।।

chen udh gya dil da
naa neend rahi raatan di
tu kaisa rog la dita
aadat pe gai
teriyaan yaadan di, mulakaatan di