
Ajj khud badalde hoye nazar aa rhe ne..!!
ਜੋ ਕਹਿੰਦੇ ਸੀ ਮੈਨੂੰ ਕਦੇ ਬਦਲੀ ਨਾ
ਅੱਜ ਖੁੱਦ ਬਦਲਦੇ ਹੋਏ ਨਜ਼ਰ ਆ ਰਹੇ ਨੇ..!!

Keh na saki us kamle nu
kine me chahundi si
tasveer ohdi nu luk luk ke
nit seene laundi si
ਕਹਿ ਨਾ ਸਕਿ ਉਸ ਕਮਲੇ ਨੂੰ
ਕਿੰਨਾ ਮੈ ਚਾਹੁੰਦੀ ਸੀ_
ਤਸਵੀਰ ਓਹਦੀ ਨੂੰ ਲੁਕ ਲੁਕ ਕੇ
ਨਿੱਤ ਸੀਨੇ ਲਾਉਂਦੀ ਸੀ_
अब कौन रोज़ रोज़ ख़ुदा ढूंढे,
जिसको न मिले वही ढूंढे ..
रात आयी है, सुबह भी होगी,
आधी रात में कौन सुबह ढूंढे..
जिंदगी है जी खोल कर जियो,
रोज़ रोज़ क्यों जीने की वजह ढूंढ़े..
चलते फिरते पत्थरों के शहर में,
पत्थर खुद पत्थरों में भगवान ढूंढ़े..
धरती को जन्नत बनाना है अगर,
हर शख्स खुद में पहले इंसान ढूंढे…!!!