बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Enjoy Every Movement of life!
बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया

Tere te chadeyaan na muhobat da rang kade
te asin utran na dayiye
us rang nu kade
ਤੇਰੇ ਤੇ ਚੜਿਆ ਨਾ ਮੁਹੋਬਤ ਦਾ ਰੰਗ ਕਦੇ
ਤੇ ਅਸੀਂ ਉਤਰਨ ਨਾ ਦਈਏ
ਉਸ ਰੰਗ ਨੂੰ ਕਦੇ