बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Enjoy Every Movement of life!
बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Bikhar Jandi A khushbo jehi
teriyaan yaadan vich
pata ni e kaisa sawan
jo bin mausam varda
ਬਿਖਰ ਜਾਂਦੀ ਆ ਖੁਸ਼ਬੂ ਜੇਹੀ
ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਵਿੱਚ
ਪਤਾ ਨੀ ਏ ਕੈਸਾ ਸਾਵਣ
ਜੋ ਬਿਨ ਮੌਸਮ ਵਰਦਾ
