बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Enjoy Every Movement of life!
बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
Duniya dari chaar dina di
Pai moh ch na kise nu thaggiye..!!
“Roop” shadd jhamele duniya de
Malak de larh hun laggiye..!!
ਦੁਨੀਆਦਾਰੀ ਚਾਰ ਦਿਨਾਂ ਦੀ
ਪੈ ਮੋਹ ‘ਚ ਨਾ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਠੱਗੀਏ..!!
“ਰੂਪ” ਛੱਡ ਝਮੇਲੇ ਦੁਨੀਆਂ ਦੇ
ਮਾਲਕ ਦੇ ਲੜ੍ਹ ਹੁਣ ਲੱਗੀਏ..!!