बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Enjoy Every Movement of life!
बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया

Takkna te bas Hun tenu hi takkna
Zid hi fad lyi e akhiyan ne..!!
ਤੱਕਣਾ ਤੇ ਬਸ ਹੁਣ ਤੈਨੂੰ ਹੀ ਤੱਕਣਾ
ਜ਼ਿੱਦ ਹੀ ਫੜ ਲਈ ਏ ਅੱਖੀਆਂ ਨੇ..!!