बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Enjoy Every Movement of life!
बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Chupke se uski tasveer sirhane mein rakhkar so jata hu mein,
Aur vo mere khwabon mein aa jaya karta hai… 🥀
चुपके से उसकी तस्वीर सिरहाने में रखकर सो जाता हूं मैं,
और वो मेरे ख्वाबों में आ जाया करता है…🥀
Kine bchaya kine kita,
Barbaad likha
Mar k v mai,
Qabar apni te abaad likha
Mar k v mai,
Qabar apni te abaad likha