बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Enjoy Every Movement of life!
बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
थोड़ा मुस्कुरा दे ए काफ़िर,
के कयामत बीत गई,
मायूसी तो रहेगी ही चेहरे पर,
फिर आशियाना बसाते बसाते...
Teri fikar kaun karda
oh taan bas kujh gallaa
mere vas ton bahar ne..
ਤੇਰੀ ਫਿਕਰ ਕੌਣ ਕਰਦਾ
ਉਹ ਤਾਂ ਬੱਸ ਕੁੱਝ ਗੱਲਾਂ
ਮੇਰੇ ਵੱਸ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਨੇ…..