बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Socha tha tadpayenge hum unhe,
Kisi aur ka naam leke jalayenge hum unhe,
Fir socha mene unhe tadpaake dard mujhe hi hoga,
To Fir bhala kis trah stayein hum unhe😐
सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,
किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें,
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।😐
Awe nai koi jagda raata nu
parda roohi kitaban nu
koi satt tan laghi e tainu zaroor dila
ਐਂਵੇਂ ਨਈ ਕੋਈ ਜਾਗਦਾ ਰਾਤਾਂ ਨੂੰ
ਪੜਦਾ ਕੋਈ ਰੂਹੀ ਕਿਤਾਬਾਂ ਨੂੰ
ਕੋਈ ਸੱਟ ਤਾਂ ਲੱਗੀ ਏ ਤੈਨੂੰ ਜ਼ਰੂਰ ਦਿਲਾ