बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Enjoy Every Movement of life!
बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Meri kalam kare manmarziya
Ehne sitam ho jana e..!!
Kujh nwa likha dass ki tere lyi
Mera ishq purana e..!!
ਮੇਰੀ ਕਲਮ ਕਰੇ ਮਨਮਰਜ਼ੀਆਂ
ਇਹਨੇ ਸਿਤਮ ਹੋ ਜਾਣਾ ਏ..!!
ਕੁਝ ਨਵਾਂ ਲਿਖਾਂ ਦੱਸ ਕੀ ਤੇਰੇ ਲਈ
ਮੇਰਾ ਇਸ਼ਕ ਪੁਰਾਣਾ ਏ..!!
