बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Enjoy Every Movement of life!
बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Rishtoo se badi chahhat or ky hogi, Dosti se badi ibbadat ky hogi, jise dost mill sake koi app jaisa , Use zindagi se koi or shikayat ky hogi….
UNGAL CHAKKAN VAALE TA BAHUT MILNGE MITTRA
PAR UNGAL FADN VAALA BAAP TO BINA KOI VIRLA E MILDA
…MANi