बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Jisne Kabhi Mujhe Mudkar Bhi Nahi Dekha
Use Mere Pyar Ka Kya ehsaas Hoga
Mai To Ab Dhoondhne Bhi Laga Hu
Deewanepan Ka Koi To ilaaj Hoga🙃
जिसने कभी मुझे मुड़कर भी नही देखा
उसे मेरे दीवानेपन का क्या एहसास होगा
मैं तो अब ढूंढने भी लगा हूँ
दीवानेपन का कोई तो इलाज होगा🙃
Aayo tumhe chura lun tumse,
Gar khata hai to saza khud mukarar karlu
Gar shak hai to soona har manzir karlu
Kar do koi gunah to le loo apne sar
Gar hath thamo to khushiyon se mukaddar bhar du….🥰
आओ तुम्हें चुरा लूं तुमसे,
गर ख़ता है तो सज़ा खुद मुकर्रर कर लूं,
गर शक है तो सूना हर मंज़र कर लूं,
कर दो कोई गुनाह तो ले लूं अपने सिर
गर हाथ थामो तो खुशियों से मुकद्दर भर दूं….🥰