बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Enjoy Every Movement of life!
बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Upar wale ne mera naseeb bahut soch samajhkar likha hai🥀🥀
Kyunki sabko nahi milta tumhare jaisa pyar karne wala❤️❤️
ऊपर वाले ने मेरा नसीब बहुत सोच समझकर लिखा है🥀🥀
क्योंकि सबको नहीं मिलता तुम्हारे जैसा प्यार करने वाला❤️❤️
Ena k sbar bakshi k zindagi de har mod te teri rza vich reh k shuker krna aa jawe…
Ditta ta boht kuch hai bs aisa sma dikha dewi jo kdar krni sikha jawe…😊🙏