बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
Enjoy Every Movement of life!
बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
दिखा तेरे दिल में
क्या रहता हूँ मैं
या फिर ये झूठी वादे कसमें हैं
या हम तेरी निगाहों के बस में है
दिल के प्यार का जादू चला है
या तूने रूप से छला है।
अदाओं ने किया है असर
या नजरों का हुआ बसर
बता तेरे भी दिल की खबर
आखिर क्यों हो रहा दुनिया से बेखबर
