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Badhte raho || मंज़िल की ओर…|| hindi poetry

सफर जारी है मंज़िल को पाने की।
जंग से लड़ना ही रीत है जहां की।।
बैठे रहने से कुछ भी नसीब नहीं ।
नसीब के भरोसे अकर्मण्यों ने ज़िन्दगी जियी।।

कर पूजन कर्म का तू।
मन में रख कर हौंसला । ।
हौंसला यदि हो बुलन्द।
तय होगा हर फासला।।
ज़िन्दगी समय से है , समय ही ज़िन्दगी ।
यूं न जाने दो समय को , नहीं मिलेगी कोई ख़ुशी।।
कर हर काम समय पर , ज़िन्दगी तुम्हे आसमान पर ला देगी ।
सफलता की सीढिया कदमों पर झुका देगी।।
लड़ो ज़िन्दगी की हर एक जंग से ।
न हारो वक़्त रूपी तुरंग से।।
पल पल अनमोल है ज़िन्दगी की ।
केवल परिश्रम हो तो मिलेगी हर ख़ुशी।।
मंज़िल को पाना आसान नहीं ।
पर मंज़िल को ही छोड़ देना हल नहीं । ।
पार कर राहों के कांटो को ।
बढ़ते रहो मंज़िल की ओर।।

Title: Badhte raho || मंज़िल की ओर…|| hindi poetry

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Vehm aajh bhi palle hu || 2 lines shayari

Ek puraani kitab me uski tasveer sambhale hui hu
wo aayega mujhse milne ye vehm aajh bhi paale hu

एक पुरानी किताब में उसकी तस्वीर संभाले हुई हूं।
वो आएगा मुझसे मिलने ये वहम आज भी पाले हुई हूं।।💯🥀

Title: Vehm aajh bhi palle hu || 2 lines shayari


Nazran

true shayari || Je kujh sikhna taan, akhhan nu padhna sikh shabdan de tan hazaaran matlab nikalde ne

Je kujh sikhna taan,
akhhan nu padhna sikh
shabdan de tan hazaaran matlab nikalde ne