बहुत गहरे जख्म हैं हमारे,
अपने जख्मों पर हम रोज मरहम लगाते हैं,
अंदर से टूट गए हैं हम पूरी तरह,
लोगों को अपना हाल अच्छा बताते हैं।
Enjoy Every Movement of life!
बहुत गहरे जख्म हैं हमारे,
अपने जख्मों पर हम रोज मरहम लगाते हैं,
अंदर से टूट गए हैं हम पूरी तरह,
लोगों को अपना हाल अच्छा बताते हैं।
सिर्फ मै ही क्यों?
मर्यादा तो तुमने भी तोड़ा
फिर इलज़ाम सिर्फ मुझ पर ही क्यों?
इश्क़ तो तुमने भी किया मुझ से
फिर बेवफ़ा सिर्फ हम कैसे,
यादे तो तेरी भी है मेरे साथ
फिर भुलु सिर्फ मै कैसे,
साथ तो तुमने भी छोड़ा
फिर आँशु सिर्फ मेरे आँखों मे ही क्यों?
-anjali kashyap
ਗੁਜ਼ਾਰੀ ਸ਼ਾਹਾ ਵੀ ਕਿਤੀ ਤਾਂ ਵੀ ਓਹ ਮੰਨਿਆ ਨੀ
ਓਹਣੇ ਠਾਨ ਲਿਆ ਸੀ ਛੱਡਣ ਦੇ ਬਾਰੇ
ਤਾਹੀਂ ਦਰਦ ਸਾਡਾ ਓਹ ਸਮਝਿਆ ਨੀ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷