
ishq karke v aashiq kalla ae
Arsh Teja

Tenu kiwe bhulawa ‘maa’ mein tere karke aa,,
Sab rishte jhuthe ne ek sacha rishta Tera ‘maa’,,
Ajjkal har riste ch wadh gya swarth,,
Ikk tera rista nirswarth meri ‘maa’…❤️
ਤੈਨੂੰ ਕਿਵੇਂ ਭੁਲਾਵਾਂ ‘ਮਾਂ’ ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਕਰਕੇ ਹਾਂ„
ਸੱਭ ਰਿਸ਼ਤੇ ਝੂਠੇ ਨੇ ਇਕ ਸੱਚਾ ਰਿਸ਼ਤਾ ਤੇਰਾ ‘ਮਾਂ’„
ਅੱਜਕਲ੍ਹ ਹਰ ਰਿਸ਼ਤੇ ‘ਚ ਵੜ ਗਿਆ ਸੁਆਰਥ„
ਇਕ ਤੇਰਾ ਰਿਸ਼ਤਾ ਨਿਰਸੁਆਰਥ ਮੇਰੀ ‘ਮਾਂ’..❤️
वो मेरे चर्चे गुफ्तगू के बहाने से सबसे करते हैं,
ये जान के भी हम इस बात से हर पल मरते हैं,
जिन अपनो को के लिए सीने में मोहब्बत थी,
उनके अब हम पास गुजरने से भी बहुत डरते हैं,
मुझे कैद करके कितना जीने दे सकोगे तुम भला,
देखो कितनी शिद्दत से हम मौत की दुआ पढ़ते हैं,
मेरी जान को गुनाहों से तौल कर क्या पा लोगे,
मेरे हर्फ़ के वजन से गुनाह अक्सर बदलते हैं ,
उर्दू का कोई शायर होता मैं लफ्ज़ संभाल लेता,
गोया अगर होते तो लफ्ज़ न गिरते, न इतना संभलते।