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Bas aajh ki raat hai || शायरी

बस आज़ की रात है
जी भरकर देख लो
यह आख़िरी मुलाक़ात है
जी भरकर देख लो
तुम्हारा शहर तो रास्ते में आ गया था
हमें तो किसी और मंज़िल की आस है
जी भरकर देख लो
अच्छा है तुमने हमारी कदर नहीं की
तुम वो जौहरी हो जिसे कौड़ियों की तलाश है
जी भरकर देख लो
मुझे कुछ भी कहना आसान था न
अब कुदरत की‌ लाठी बेआवाज़ है
जी भरकर देख लो!!!

Title: Bas aajh ki raat hai || शायरी

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Kayi saal beet gye || sad Punjabi status

Din guzar gye kayi saal beet gye
Par oh yaadan ove hi rahiya
Socha vich khubhiya te dil vich dafan..!!

ਦਿਨ ਗੁਜ਼ਰ ਗਏ ਕਈ ਸਾਲ ਬੀਤ ਗਏ
ਪਰ ਉਹ ਯਾਦਾਂ ਓਵੇਂ ਹੀ ਰਹੀਆਂ
ਸੋਚਾਂ ਵਿੱਚ ਖੁੱਭੀਆਂ ਤੇ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਦਫ਼ਨ..!!

Title: Kayi saal beet gye || sad Punjabi status


Patriotic Poems || hindi desh prem poems

देशभक्ति कविताएं

1.
हिन्दुस्थान
मुल्क है अपना।
विश्व दरबार में
वो एक सपना।

आसमान में उड़ती
मन की आशा।
लहरों में मचलती
दिल की परिभाषा।

वायु में घूमती
आज़ादी की साँस।
मिटटी में रहती
बलिदान की अहसास।

मेरा देशवासियों
अपना भाई और बहन की समान।
एक आंख में हिन्दू,
दूसरे में मुस्लमान।

प्यार का बंधन
आंधी में भी न टूटा।
हम सब एक है,
फर्क झूठा।

2.
केदार देख के
लगता है
जीते रहु तूफान में
अंतिम समय तक।

गंगा देख के
लगता है
बहते रहु बंधन में
अंतिम साँस तक।

खेत की हरियाली देख के
लगता है
युवा रहु उम्र में
अंतिम यात्रा तक।

थार देख के
लगता है
उड़ते रहु आंधी में
अंतिम कड़ी तक।

हिन्द महासागर देख के
लगता है
घूमते रहु घूर्णी में
अंतिम सूर्यास्त तक।

भारत माता को देख के
लगता है
खिलते रहु उनकी गोद में
अंतिम संस्कार तक।

Title: Patriotic Poems || hindi desh prem poems