Duniyaa lai chahe asi kaudiyaa warge haa
par apnu bebe de lai asi heere haa
ਦੁਨੀਆਂ ਲਈ ਚਾਹੇ ਅਸੀਂ ਕੌਡੀਆਂ ਵਰਗੇ ਹਾਂ,
ਪਰ ਆਪਣੀ ‘ਬੇਬੇ’ ਦੇ ਲਈ ਅਸੀਂ ਹੀਰੇ ਹਾਂ..
Duniyaa lai chahe asi kaudiyaa warge haa
par apnu bebe de lai asi heere haa
ਦੁਨੀਆਂ ਲਈ ਚਾਹੇ ਅਸੀਂ ਕੌਡੀਆਂ ਵਰਗੇ ਹਾਂ,
ਪਰ ਆਪਣੀ ‘ਬੇਬੇ’ ਦੇ ਲਈ ਅਸੀਂ ਹੀਰੇ ਹਾਂ..
हिम्मत भी है ताकत भी ओर हौसला भी
उनकी खुशी के लिए सब कुछ कर जाऊंगा
देखेगी दुनिया भी इस अंजान चेहरे को
जब बाहों में समेटकर में चांद लेकर आऊंगा
मेरी मां के चेहरे पर मुस्कुराहट होगी
और हाथो मेरे लिए में नूर होगा
हवाओं में भी खुशबू होगी और
पापा की नज़रों में गुरूर होगा
सुरूर होगा जब दुनिया अपनी सी लगेगी
जब दुनिया को मेरा भी शउर होगा
अपनी नज़रों में तालाब की आवाम भर लाऊंगा
हर शाम में लौट कर जब घर आऊंगा
हाथों में रोटी पकड़कर कहेगी, बेटा खा ले
मैं मुस्कुराकर दो निवाले उसे भी खिलाऊंगा
खैर, निकल पड़ा हूं अभी मंज़िल ढूंढने खुद ही
इंतेज़ार उस वक्त का है जब मै चांद समेट लाऊंगा...
वक़्त तो अब लफ़्ज़ों में दिया जाता है,
रूबरू तो महज दिखावा किया जाता है
waqt to ab lafzo me diya jaata hai
roobroo to meha dikhawa kiya jaata hai