Galti taan teri vi ghat nhi c sajjna
Oh taan meri hi chupi ne menu gunahgaar bana dita..!!
ਗਲਤੀ ਤਾਂ ਤੇਰੀ ਵੀ ਘੱਟ ਨਹੀਂ ਸੀ ਸੱਜਣਾ
ਉਹ ਤਾਂ ਮੇਰੀ ਹੀ ਚੁੱਪੀ ਨੇ ਮੈਨੂੰ ਗੁਨਾਹਗਾਰ ਬਣਾ ਦਿੱਤਾ..!!
जाने कहाँ बैठकर देखती होगी, वो आज जहां भी रहती है..
नाराज़ है वो किसी बात को लेकर, सपनों में आकर कहती है..
मैं याद नहीं करता अब उसको, चुप-चाप देखकर सहती है..
वो चली गई भले दुनिया से, मेरे ज़हन में अब भी रहती है..
उसे चाहता हूँ पहले की तरह, ये तो वो आज भी कहती है..
किसी और संग मुझे देख-ले गर जो, वो आज भी लड़ती रहती है..
ना वो भूली ना मैं भुला, भले भूल गई दुनिया कहती है..
रहती थी पहले भी पास मेरे, मेरे साथ आज भी रहती है..