चैन नही मिलता किसी को मेरा सुकून देखकर,
लड़ती है मुझसे नफरत मेरा जुनून देखकर,
बाहर आ जाती है मयान से खुद तलवारें भी,
मेरी बेगुनाह ख्वाहिशों का बहता खून देखकर...
चैन नही मिलता किसी को मेरा सुकून देखकर,
लड़ती है मुझसे नफरत मेरा जुनून देखकर,
बाहर आ जाती है मयान से खुद तलवारें भी,
मेरी बेगुनाह ख्वाहिशों का बहता खून देखकर...
नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया, मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया। फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर, गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया। सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो, नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया। कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत, सद्भावना के फूल पिरोता चला गया। जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं, विश्वास अपने आप पर होता चला गया। अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां, मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया। उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग, हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...
ਕਰੇ ਪਿਆਰ ਮਾਵਾਂ ਬਰਾਬਰ ਇਸ ਗੱਲ ਦੀ ਨਾ ਕੋਈ ਭੁੱਲ ਹੈ 🙌 ਸੱਚ ਕਹਿਣ ਸਿਆਣੇ ਭੈਣ ਭਰਾ ਦੇ ਰਿਸ਼ਤੇ ਦਾ ਨਾ ਕੋਈ ਮੁੱਲ ਹੈ💟
Kare pyaar maava barabr is gal di na koi bhul hai
Sach kehan siyane bhain bhra de rishte da na koi mul hai