चैन नही मिलता किसी को मेरा सुकून देखकर,
लड़ती है मुझसे नफरत मेरा जुनून देखकर,
बाहर आ जाती है मयान से खुद तलवारें भी,
मेरी बेगुनाह ख्वाहिशों का बहता खून देखकर...
चैन नही मिलता किसी को मेरा सुकून देखकर,
लड़ती है मुझसे नफरत मेरा जुनून देखकर,
बाहर आ जाती है मयान से खुद तलवारें भी,
मेरी बेगुनाह ख्वाहिशों का बहता खून देखकर...
Apni tamanna se kbhi kuch nahi chaha tha humne,
uss ki khushi dhundhte rhe toh badnaam ho gaye..!
ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना