Mohobbt unhi se
kyu hoti hai..
Jinhe hmari kdr nhi hoti..??

कुछ नहीं है बात में, ये बात चुभती भी तो है,
भोर की पहली किरण भी सांझ में ढलती तो है,
उड़ता हूं मैं बाज़ सा आसमां की उस ऊंचाई में,
जिस तेज ताप पर, थोड़ी हवा चलती तो है,
गिरता हूं मैं उठता हूं कभी धरती कभी अंगड़ाई पे
जिंदगी भी दर बदर पर, जिंदगी चलती तो है,
बात इतनी ही नहीं के कायदे भी अब रो रहे,
सर झुका कर चलती दुनिया देख खलती भी तो है...
Chl shdd mnaa ..ki jana usde daraa te..
Jisnu Saar hi nhi mere halaatan di..!!
“Roop”sajda kriye taa us dar te ja k kriye..
Jithe kadar howe jajbataan di..!!
ਚੱਲ ਛੱਡ ਮਨਾਂ.. ਕੀ ਜਾਣਾ ਉਸਦੇ ਦਰਾਂ ਤੇ..
ਜਿਸਨੂੰ ਸਾਰ ਹੀ ਨਹੀਂ ਮੇਰੇ ਹਾਲਾਤਾਂ ਦੀ..!!
“ਰੂਪ”ਸਜਦਾ ਕਰੀਏ ਤਾਂ ਉਸ ਦਰ ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਕਰੀਏ..
ਜਿੱਥੇ ਕਦਰ ਹੋਵੇ ਜਜਬਾਤਾਂ ਦੀ..!!