Mohobbt unhi se
kyu hoti hai..
Jinhe hmari kdr nhi hoti..??

रोशनी भरी थी राहें मेरी, जाने कब अंधेरी हो गई..
मंजिल की तलाश में राहों से यारी, और भी गहरी हो गई..
जिन मंजिलों से लेना-देना ना था, वो बदली और मेरी हो गई..
गैर मंजिलों को इतना वक्त दिया के, खुद मंजिल मेरी खो गई..
खैर कोशिशों में कोई कमी ना थी, जो नाकाम मेरी हो गई..
मेरी मंजिल की तलाश अब भी जारी है, भले क्यूं ना देरी हो गई..
भले क्यूं ना देरी हो गई..
Akhaan meriyaan nu bhul gyaa e saunaa
raah takdiyaan ne tera, jive koi khada banjar vich
udeeke paunna
pata ni, ni tu kad mudh k auna
ਅੱਖਾਂ ਮੇਰੀਆਂ ਨੂੰ ਭੁੱਲ ਗਿਆ ਸੌਣਾ
ਰਾਹ ਤੱਕਦੀਆਂ ਨੇ ਤੇਰਾ
ਜਿਵੇਂ ਕੋਈ ਖੜਾ ਬੰਜ਼ਰ ਵਿੱਚ
ਉਡੀਕੇ ਪੌਣਾ
ਪਤਾ ਨਈ ਤੂੰ ਕੱਦ ਮੁੜ ਕੇ ਆਉਣਾ😌😌😌 #GG