Skip to content

Bekadar log|sad shayari|heart broken

Mohobbt unhi se
kyu hoti hai..
Jinhe hmari kdr nhi hoti..??


Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


बुरा नहीं हूँ मैं। || bura nahi hu mein || sad but true || hindi poetry

हाँ, मैं तीखा बोलता हूँ
सच बोलता हूँ
कड़वा बोलता हूँ
लेकिन, बुरा नहीं हूं मैं।
दिखावे की मीठी बोली नहीं बोलता
पीठ पीछे किसी की शिकायत नहीं करता
मन में दबाकर कोई बैर भाव नहीं रखता
कुंठित विचार नहीं पालता
हाँ, बुरा नहीं हूं मैं।
किसी का बुरा नहीं चाहता
किसी पर छुपकर वार नहीं करता
कभी ह्रदय छलनी हो जाए तो
छुपकर अकेले रो लेता
सबकी मदद दिल से करता
हाँ, बुरा नहीं हूं मैं।
अपनी जिम्मेदारियों से बैर नहीं मुझे
कर्म ही मेरी पहचान है
छलावे के रिश्ते बनाना नहीं आता मुझे
बुरे वक्त में साथ छोड़ना नहीं सीखा मैंने
हाँ, बुरा नहीं हूं मैं।
मौकापरस्त दुनिया ने दिल दुखाया मेरा
फिर भी चुप रहा मैं..
आवाज उठाई कभी जो मैंने
बुरा मान लिया जमाने ने
वक्त नहीं अब मेरे पास इन से उलझने का
हाँ, मैं मौन हूं..
लेकिन,
बुरा नहीं हूं मैं।।

Title: बुरा नहीं हूँ मैं। || bura nahi hu mein || sad but true || hindi poetry


Maata pita || hindi shayari on parents

माता पिता का इस जगत में है सबसे ऊँचा दर्जा।
इसके लालन पालन को संतान चूका ना सके कर्जा।।

कर्ज इनके प्रेम का जीवन को खूब सँवारे।
बस चले तो बच्चों के लिए आसमां से तोड़ ले तारे।

तारों सा चमकीला बने उनके बच्चों का जीवन।
मानों इसलिए ही धरती पर माता पिता का हुआ जनम।।

बच्चों के जन्म से ही करते उनके लिए जीवन भर संघर्ष।
अपने बच्चों की खुशियों को ही समझे जीवन का उत्कर्ष।।

उत्कर्ष होता उनका जो संतान बने अच्छी इंसान।
पग पग मार्गदर्शन ऐसा जो देना सके भगवान।

भगवान समान माता पिता फिर भी क्यों खोते मान।
बुढ़ापे में अपने ही पुत्रों से झेलते अपमान।।

अपमान करे संतान का तो फट पड़ता कलेजा।
क्या इस दिन के लिए ही संतान को प्रेम से सहेजा।।

सहेजा संवारा क्या इसलिए कि बुढ़ापे में ना दे साथ।
संतान पे लुटाके धन आज बुढ़ापे में फैलाये हाथ।।

हाथ क्यों ना आते आगे आज माता पिता के लिए।
क्या झूठे दिखावे और चमक दमक ने तुम्हारे हाथ सीले।।

छोड़ो इस माया को सच्चे रिश्तों की करो कदर।
दुनिया में तुम्हारे लिए जीये सदा तुम्हारे फादर मदर।।

Title: Maata pita || hindi shayari on parents