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Best hindi 2 lines shayari

पैसा सब कुछ खरीद भी सकते है, खरीद नहीं भी सकते है।

जिनके पास पैसा है, उनका इंसानियत ही बताएगा के पैसा क्या कर सकते है।

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जनम से पता नहीं चलता कौन पंडित और कौन मेहतर है।

इन्सान का ब्यबहार ही बताता है के वो समाज में किस स्तर पर है।

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अंतिम वक्त सबका आता है, लेकिन समय कभी ख़तम नहीं होता।

ज़िन्दगी दो दिन का, लेकिन अमर विजेता।

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मेरा ज़िन्दगी का फिल्म में भी बॉक्स ऑफिस फैक्टर।

में एक्टर, किस्मत प्रोडूसर और समय डायरेक्टर।

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कंक्रीट का जंगल में हम सब जानवर।

शेर कहाँ मिलेगा, हम सब सियार।

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फूलों के रंग छा गये है मन में, लहर की आवाज़ उठी है दिल में।

दिन में सूरज, रात में चंद्रमा, रोशन जिंदगी में।

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भासा सब एक है, भावना में अंतर।

खून सबका लाल है, इंसानियत पत्थर।

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प्यार खुद आता है, उसे बुलाना नहीं होता।

किस्मत में लिखा है समय का पता।

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सुहाना मौसम में चैन का साँस।

प्यार का मतलब दोस्ती में बिस्वास।

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सुभे अँधेरा, नींद में टाउन।

फिर से लॉकडाउन।

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वक्त का इंतज़ार में, होगी जीत। 

धीर रहो, सुनो पल का गीत।

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लहर हवा की तरह चलती फिरती है।

बात वक्त की तरह उचित सिखाती है।

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ज्यादा सुनोगे तो रहोगे दुःखी।

कल की बात, गुजरा हुआ रात, सुनो दिल की, अपने में सुखी।

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अगर दर्द नहीं होता तो आराम भी नहीं मिलता।

अगर झगड़ा नहीं होता तो प्यार भी खो जाता।

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मम्मी पापा अगर डांटते है, आशीर्वाद वो।

बीबी का डाँटना मतलब हालत बुरा, सब ख़तम जब डांटते है बच्चो।

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घरवाले अच्छे हो तो पड़ोसी का जरुरत नहीं।

घरवाले बुरे हो तो अच्छे पड़ोसी भी होते नहीं सही।

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दोस्त कहां पर मिलेगा।

खुद के बारे में सोचता हुआ इंसान अब यह पूछेगा।

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सुख रोते है कबर में, शांति जलते है श्मशान में।

छुपाओ खुदको, किसी के साथ मिलो मत, संक्रमण सांस में।

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जिंदगी में बड़ा बनना है तो उतना ही चालाक बनो जितना ईमानदार हो।

नही तो दूसरे आके ले लेंगे तुम्हारा ज़मीन और खा जायेंगे तुम्हारा छाँव। 

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जिंदगी में हम लोग खेलने आये है, यहाँ ट्रॉफी सब को नहीं मिलता।

सिर्फ खेल का मजा लो, हार जीत एक साथ रहता।

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खून की नदी बहती, मार का बदला मार।

नेतागिरी राजनीती छेड़ता है मोहब्बत और प्यार।

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जो क्राइम करते है, उनके दिमाग ख़राब है।

शादी करो या नहीं भी करो, हालत हमेशा बुरा है।

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क्रिमिनल बनता नहीं, बनाया जाता है।

क्राइम का ठिकाना जेल और क्रिमिनल का पागलखाने ही गंतब्य होता है।

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कभी कभी दिमाग में ट्रैफिक जैम हो जाता।

बिगड़ा हुआ सिग्नल पकड़ता हालत को और वक्त ट्रैफिक पुलिस का काम करता।

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नियति समय का ही एक रूप।

वक्त का सही इस्तेमाल करो, उसका इंतज़ार में रहते हैं सिर्फ बेकूफ़।

Title: Best hindi 2 lines shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Me kalam haa || punjabi kavita



Hindi kavita || बहती नदी – सी || hindi poetry

थी मै,शांत चित्त बहती नदी – सी
तलहटी में था कुछ जमा हुआ
कुछ बर्फ – सा ,कुछ पत्थर – सा।
शायद कुछ मरा हुआ..
कुछ अधमरा सा।
छोड़ दिया था मैंने
हर आशा व निराशा।
होंठो में मुस्कान लिए
जीवन के जंग में उलझी
कभी सुलगी,कभी सुलझी..
बस बहना सीख लिया था मैंने।
जो लगी थी चोट कभी
जो टूटा था हृदय कभी
उन दरारों को सबसे छुपा लिया था
कर्तव्यों की आड़ में।
फिर एक दिन..
हवा के झोंके के संग
ना जाने कहीं से आया
एक मनभावन चंचल तितली
था वो जरा प्यासा सा
मनमोहक प्यारा सा।
खुशबूओं और पुष्पों
की दुनिया छोड़
सारी असमानताओं और
बंधनों को तोड़
सहमी – बहती नदी को
खुलकर बहना सीखा गया,
अपने प्रेम की गरमी से
बर्फ क्या पत्थर भी पिघला गया।
पाकर विश्वास कोमल भावों से जोड़े नाते का
सारी दबी अपेक्षाएं हो गई फिर जीवंत
लेकिन क्या पता था –
होगा इसका भी एक दिन अंत !
तितली को आयी अपनों की याद
मुड़ चला बगिया की ओर
सह ना सकी ये देख नदी
ये बिछड़न ये एकाकीपन
रोयी , गिड़गिड़ाई ..की मिन्नतें
दर्द दुबारा ये सह न पाऊंगी
सिसक सिसक कर उसे बतलाई।
नहीं सुनना था उसे,
नहीं सुन पाया वो।
नहीं रुकना था उसे,
नहीं रुक पाया वो।
तेज उफान आया नदी में,
क्रोध और अवसाद
छाया मन में,
फिर छला था
नेह जता कर किसी ने।
आवाज देती..लहरें,
उठती और गिरती
किनारों से टकराती,
हो गई घायल।
बीत गए असंख्य क्षण
उसकी वापसी की आस में
लेकिन सामने था, तो सिर्फ शून्य।
हो गई नदी फिर से मौन..
छा गई निरवता।
लेकिन अबकी बार,
नहीं जमा कुछ तलहटी में
कुछ बर्फ सा,
कुछ पत्थर सा।
बस रह गया भीतर
रक्तिम हृदय..
और लाल रक्त।
जो रिस रिस कर
घुलता जा रहा है
मिलता जा रहा है
अपने ही बेरंग पानी में…।।

Title: Hindi kavita || बहती नदी – सी || hindi poetry