Skip to content

Best hindi 2 lines shayari

पैसा सब कुछ खरीद भी सकते है, खरीद नहीं भी सकते है।

जिनके पास पैसा है, उनका इंसानियत ही बताएगा के पैसा क्या कर सकते है।

……………………………………………………………………………………

जनम से पता नहीं चलता कौन पंडित और कौन मेहतर है।

इन्सान का ब्यबहार ही बताता है के वो समाज में किस स्तर पर है।

………………………………………………………………………………………

अंतिम वक्त सबका आता है, लेकिन समय कभी ख़तम नहीं होता।

ज़िन्दगी दो दिन का, लेकिन अमर विजेता।

………………………………………………………………………………………………

मेरा ज़िन्दगी का फिल्म में भी बॉक्स ऑफिस फैक्टर।

में एक्टर, किस्मत प्रोडूसर और समय डायरेक्टर।

……………………………………………………………………………………………..

कंक्रीट का जंगल में हम सब जानवर।

शेर कहाँ मिलेगा, हम सब सियार।

……………………………………………………………………………………………

फूलों के रंग छा गये है मन में, लहर की आवाज़ उठी है दिल में।

दिन में सूरज, रात में चंद्रमा, रोशन जिंदगी में।

…………………………………………………………………………………………….

भासा सब एक है, भावना में अंतर।

खून सबका लाल है, इंसानियत पत्थर।

…………………………………………………………………………………………………

प्यार खुद आता है, उसे बुलाना नहीं होता।

किस्मत में लिखा है समय का पता।

…………………………………………………………………………………………………

सुहाना मौसम में चैन का साँस।

प्यार का मतलब दोस्ती में बिस्वास।

…………………………………………………………………………………………..

सुभे अँधेरा, नींद में टाउन।

फिर से लॉकडाउन।

………………………………………………………………………………………….

वक्त का इंतज़ार में, होगी जीत। 

धीर रहो, सुनो पल का गीत।

……………………………………………………………………………………………

लहर हवा की तरह चलती फिरती है।

बात वक्त की तरह उचित सिखाती है।

………………………………………………………………………………………..

ज्यादा सुनोगे तो रहोगे दुःखी।

कल की बात, गुजरा हुआ रात, सुनो दिल की, अपने में सुखी।

………………………………………………………………………………………

अगर दर्द नहीं होता तो आराम भी नहीं मिलता।

अगर झगड़ा नहीं होता तो प्यार भी खो जाता।

……………………………………………………………………………………..

मम्मी पापा अगर डांटते है, आशीर्वाद वो।

बीबी का डाँटना मतलब हालत बुरा, सब ख़तम जब डांटते है बच्चो।

………………………………………………………………………………………

घरवाले अच्छे हो तो पड़ोसी का जरुरत नहीं।

घरवाले बुरे हो तो अच्छे पड़ोसी भी होते नहीं सही।

…………………………………………………………………………………….

दोस्त कहां पर मिलेगा।

खुद के बारे में सोचता हुआ इंसान अब यह पूछेगा।

…………………………………………………………………………………….

सुख रोते है कबर में, शांति जलते है श्मशान में।

छुपाओ खुदको, किसी के साथ मिलो मत, संक्रमण सांस में।

 ……………………………………………………………………………………..                                                                                                   

जिंदगी में बड़ा बनना है तो उतना ही चालाक बनो जितना ईमानदार हो।

नही तो दूसरे आके ले लेंगे तुम्हारा ज़मीन और खा जायेंगे तुम्हारा छाँव। 

………………………………………………………………………………………….

जिंदगी में हम लोग खेलने आये है, यहाँ ट्रॉफी सब को नहीं मिलता।

सिर्फ खेल का मजा लो, हार जीत एक साथ रहता।

………………………………………………………………………………………….

खून की नदी बहती, मार का बदला मार।

नेतागिरी राजनीती छेड़ता है मोहब्बत और प्यार।

…………………………………………………………………………………………

जो क्राइम करते है, उनके दिमाग ख़राब है।

शादी करो या नहीं भी करो, हालत हमेशा बुरा है।

………………………………………………………………………………………

क्रिमिनल बनता नहीं, बनाया जाता है।

क्राइम का ठिकाना जेल और क्रिमिनल का पागलखाने ही गंतब्य होता है।

…………………………………………………………………………………………

कभी कभी दिमाग में ट्रैफिक जैम हो जाता।

बिगड़ा हुआ सिग्नल पकड़ता हालत को और वक्त ट्रैफिक पुलिस का काम करता।

………………………………………………………………………………………….

नियति समय का ही एक रूप।

वक्त का सही इस्तेमाल करो, उसका इंतज़ार में रहते हैं सिर्फ बेकूफ़।

Title: Best hindi 2 lines shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Sacha pyar shayari || best ghaint status

Eh duniya nu mein dass ki karna☺️
Ikko mileya e poore sansar varga😇..!!
Mein frol aayi jagg kayi kar koshisha🤷🏻‍♀️
Menu koi nahio labbha mere yaar warga😘..!!

ਇਹ ਦੁਨੀਆਂ ਨੂੰ ਮੈਂ ਦੱਸ ਕੀ ਕਰਨਾ☺️
ਇੱਕੋ ਮਿਲਿਆ ਏ ਪੂਰੇ ਸੰਸਾਰ ਵਰਗਾ😇..!!
ਮੈਂ ਫਰੋਲ ਆਈਂ ਜੱਗ ਕਈ ਕਰ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ਾਂ🤷🏻‍♀️
ਮੈਨੂੰ ਕੋਈ ਨਹੀਂਓ ਲੱਭਾ ਮੇਰੇ ਯਾਰ ਵਰਗਾ😘..!!

Title: Sacha pyar shayari || best ghaint status


Kaun haa me || ਕੌਣ ਹਾਂ ਮੈਂ || Punjabi kavita

ਆਮ ਜਾ ਇਕ ਇਨਸਾਨ
ਝੂਠ ਵਿਚ ਵੀ ਸੱਚ ਜਿਸਦੇ
ਆਖਦੇ ਗੁਸਾਖੋਰ ਜਿਹਨੂੰ
ਪਰ ਸਮਝੇ ਨਾ ਕੋਈ ਉਹਨੂੰ
ਸਭ ਕੁੱਝ ਹੋਣ ਤੇ ਵੀ ਕੁਝ ਨੀ ਜਿਦੇ ਤੋ
ਉਹ ਹਾਂ ਮੈਂ
ਮਿਲ ਕੇ ਵੀ ਜਿਸਨੂੰ ਕੁੱਝ ਨਾ ਮਿਲ ਸਕਿਆ
ਉਹ ਹਾਂ ਮੈਂ
ਡਰ ਲੱਗਦਾ ਸੀ ਜਿਸਨੂੰ ਇਕੱਲੇ ਰਹਿਣ ਤੋ
ਹੁਣ ਡਰ ਲਗਦਾ ਉਹਨਾ ਤੋ ਜੋ ਨਾਲ ਨੇ ਮੇਰੇ
ਸਭ ਪਾਸੇ ਮਤਲਬੀ ਯਾਰ ਕੋਈ ਨਾ ਲੱਭਿਆ ਆਪਣਾ
ਨਾ ਮਿਲਿਆ ਕੋਈ ਕਰਨ ਨੂੰ ਦੁੱਖ ਸਾਂਝਾ
ਜਿਸ ਤੇ ਕੀਤਾ ਐਤਬਾਰ ਉਸਨੇ ਕਦੀ ਸਮਝਿਆ ਨਾ ਆਪਣਾ
ਲੋਕ ਮੇਰੀ ਚੁੱਪ ਨੂੰ ਸਮਝਦੇ ਆਕੜ
ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਬਲੋਣਾ ਸ਼ੱਡਤਾ ਕਿਉਕਿ
ਜਿਹੜਾ ਨਾ ਸਮਝਿਆ ਚੁੱਪ ਉਹ ਬੋਲ ਕੀ ਸਮਝੂ
ਕਿਸੇ ਸਾਹਮਣੇ ਸ਼ੋ ਕਰਨਾ ਪਸੰਦ ਨੀ ਕੁਝ
ਬਸ ਮੇਰੇ ਆਪਣੇ ਹੀ ਸਮਝ ਜਾਣ ਇਹੀ ਬੁਹਤ ਆ

G😎

Title: Kaun haa me || ਕੌਣ ਹਾਂ ਮੈਂ || Punjabi kavita