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SANKHAJIT BHATTACHARJEE

Scientific Researcher; Molecular Biologist

Hindi 2 LinE shayari collection || thoughts || true lines

घर के अंदर क्या चल रहा है, ईश्वर को भी नहीं मालूम।
बाहर आकर जो शांति का वाणी सुनाया, हंसता-खेलता हुआ बात बताया, उसका अंदर काला जुर्म।
परिवार के अंदर बहुत छुपी हुई बातें रहती।
वह कांटे की तरह घायल करती है, लेकिन अपना भलाई के लिए सामने नहीं लाया जाती।
लड़कियाँ बहुत अच्छी या बहुत बुरी होती हैं, लड़के बीच में रहता हैं।
अगर अच्छी लड़की मिली तो, वह भगवान बन जाता, और अगर बुरी लड़की मिली तो, वह असुर बनता है।
सब लड़कियाँ पैसा का दासी नहीं हैं,
लेकिन सब लड़के रूप की दास हैं।
सब लड़के बुरा नहीं होता, सब लड़कियाँ अच्छी नहीं होती।
अच्छे बुरे मिलकर दुनिया- आग आविष्कार से शुरू सभ्यता और आग में ही आत्माहुति।
ऐसे लिखना होता है, वैसे नहीं लिखना।
आपका कलम लिखता है और मेरा भावनाएँ, हमेशा दिल की बातें सुनना।
जिनके पास भावनाएं नहीं है, वह एक गतिशील शब्दकोश होता है।
भाषा की कठिनाई से हिलती है धरती और वह सबको बहुत कुछ बताते रहते है।
जिनके पास भावनाएं है, वह खुद से बातें करते है।
वह दूसरे का ग़लतियाँ न देखकर, खुद को आविष्कार करते है।
यह कैसा कविता है, ऐसे लिखना।
एक एक शब्द मेरा स्वाधीन चेतना की फसल है, दिल की बात आपको कैसे पता।
ज़िंदगी में हार या जीत बड़ी बात नहीं।
समय के साथ साथ ज़िंदगी को उपभोग करो तो सही।
संसार एक सबसे बड़ा चिड़ियाघर है।
सब जानवरों मिलते हैं एक हृदय में, वह इंसान का, दिमाग तेज़ इसलिए।
इंसानों की घर पर बहुत सारे जानवरों रहते हैं, वे इंसानों का भिन्न रूप।
कब कौन जाग जाते, कब कौन सो जाते, कब कौन किसके साथ टकराने- छाया ने खा गए सूरज की धूप।
लोग बहुत कुछ कहेंगे, इसका मतलब आप ने पहुँचे ऊपर।
जो हमेशा अच्छे बातें सुनते है, सबसे नीचे उसके घर।
जब आप कुछ सुन रहे है, आप सही रास्ते पर है।
गलत रास्ते में कुछ सुनाई नहीं देता, क्योंकि जाना बहुत आसान है।
जब जाना ही था, तब आया क्यों, पास छोड़कर दूर ही रहते।
अलविदा कहना नहीं पड़ता और हम सब पल में शामिल होते।
इंसान कितना शैतान होता है, अपना सुख के लिए दूसरे का सुख छीन लेते।
गायक कितना महान होता है, गाना के लिए अपना जीवन दे देते।
 

Hindi shayari collection || Hindi thoughts

 
कुछ कुछ लोग हैं, जो किसी का सुख देख नहीं पाते।
वे बीमार हैं अंदर से और बोलते हैं जानवर की बातें।
कुछ कुछ इंसान हैं, जो किसी का भला नहीं चाहता।
वे बुरा हैं अंदर से, इसलिए दूसरे का धिक्कार मिलता।
ज़िंदगी में रुकना मना है।
अगर नहीं रुके तो सोचेंगे कैसे।
अगर मैं रुक गया तो मेरा ज़िंदगी भी रुक जायेगा।
मुझे चलना है, अंदर से, बाहर से भी, तभी तो समय फैले गा।
जब हाथ में कोई काम नहीं होता, दिमाग भी काम करना छोड़ देता।
जब हाथ में काम आ जाता है, दिमाग पकड़ लेता समय का दोस्ताना।
काम करने वाले को अगर काम नहीं होता, तो वह पागल बन जाता।
अगर कोई काम चोर को ज्यादा काम मिला, तो वह गुनहगार बनता।
समय को जो संभाल सकते है, वह ज़िंदगी में आगे बढ़ते।
समय दिल की धड़कन की तरह हमेशा जुड़े रहते है जीवन के साथ और उसे कभी छोड़ नहीं पाते।
वह बिलकुल खत्म हो जाता, समय का बंधन से जो निकल नहीं पाता।
समय खुद चलता है, लेकिन दूसरे को कभी चलने नहीं देता।
बचपन से अगर ग़लतियाँ सुधर नहीं जाते, तो वह एक अभ्यास बनता।
बेटा बेटी को पाता हैं कि वह सही, लेकिन माँ बाप दोषी बनता।
जो ज्यादा बात करता है, बुरा बात करता है, उसके साथ मुँह मत लगाना।
वह बीमार है, अगर मुँह लगाया, तो खुद के पास खुद को खोना।
उच्चारण मेरा दिल की धड़कन है।
मैं देशी हूँ या विदेशी, यह बात नहीं, सिर्फ मेरा भावना को वह साबित करता है।
मेरा और आपका उच्चारण अलग है, क्योंकि हमारा देश अलग।
लेकिन हमारा धरती एक है, लाल खून हम सबके अंग।
उच्चारण से इंसान पता चलता है, लेकिन इंसानियत कभी नहीं।
आधुनिक शिक्षित व्यक्ति जो दूसरे का उच्चारण का मज़ा लेते है, वह मूर्ख सही।
उच्चारण और व्याकरण से डरने की कोई बात नहीं।
दिल की बात खुल के कहो, तुम अपने आप में हमेशा सही।
ज्ञान कभी अज्ञानी को नहीं दिए जाते, ज्ञान सिर्फ बुद्धिमान के लिए है।
बेवकूफ़ के साथ मुँह मत लगाना, अपना सम्मान अपना हाथों में।
जो ज्यादा बात नहीं करता है, वह शिक्षित है।
जो बातों बातों में बहस करता है, वह दुनिया के सबसे बड़ा गधा है।

Hindi shayari collection || two line shayari

आदमी कैसे है, चेहरा देख के पता लगता।

बातें सुन के लगता है मैं सही तालाब का पानी पीता।

बातें करके, बातें सुन के, समय बर्बाद मत करो।

काम पे लगे रहो, ज़िंदगी में कुछ करो।

रोटी आग में फूल जाते है। 

ज़िंदगी  रोटी की तरह- प्रेरणा उसमें प्राण भरते है।

सुविधा अगर एक बार मिल गए, तो ज़िंदगी भर उसे पाने के लिए दौड़ेगा इंसान।

वह एक ऐसा चीज है, जो मेहनती को बनाता है अकर्मण्य और ईमानदार को बेईमान।

सुविधा मृत्यु से भी भयानक।

एक बार मिल जाये, तो समझलो आपके प्रतिभा को खा जायेगा कोई घातक।

आग बुझ जाती है, लेकिन प्यार कभी नहीं।

वायरस भी प्यार की तरह, डेल्टा या ओमिक्रोण, मौजूद सही। 

हमेशा मुख बंद रखो, युद्ध नहीं होगा।

यह सच्चाई फिर से कोविड ने सिखाया।

Hindi 2 Liners || two line thoughts

अब कोरोना हवा में।

जो सांस बंद कर के रहते है, सिर्फ वह ही बच पाएंगे।

कोरोना कोई रोग नहीं, सिर्फ एक भ्रम।

कलि की पाप को सामने लाए सत्य का धर्म।

मुर्ख राजा को सलाम करते है, इसलिए पंडित को नहीं पहचान पते।

पंडित सब को अच्छे तरह जानते है- वह मुर्ख को उपेक्षा करते है और राजा को थोड़ा नाचाते।

क्षमता राजा के हाथ में, व्यापारी के पास पैसा, बुद्धि पंडित के पास और ग़रीब हवा में।

कवि मुक्ति का सांस लेने की कोशिश करते हज़ार ज़ुल्म में ।

प्यार कानून की तरह अँधा होता।

उच्च नीच, अच्छा बुरा, हार जीत, पाप पुण्य वह नहीं मानता। 

प्यार में विचारधारा नहीं होता।

सब विचार जहां मिल जाता, वहां प्यार जन्म लेता।

कभी कभी दिल टूट जाते है, लेकिन विश्वास बदलता नहीं।

वह विजयी होते है, जो अपने विचार में सही।

आपका विचार आपके पास, वह दूसरे का धन नहीं।

दूसरे का विचार दूसरे के पास, उसमें आपका कोई हिस्सा नहीं।

Two line hindi shayari collection || true LINEs

किसी का जगह कोई ले नहीं सकते।

इस ज़माने में भी महान होना चाहिए, जैसे पुराने ज़माने में थे।

इंसान मरने के बाद भगवान बन जाते।

जीवित दशा में कोई उसके प्रतिभा और योग्यता को पहचान नहीं पते।  

अच्छे घर की इंसान अब राजनीति नहीं करते।

जो हर क्षेत्र में बेकार है, वह सिर्फ नेता बनते।

यह मत पूछो क्यों नहीं मिला।

सिर्फ यह देखो क्या मिला।

जो ज्यादा पूछता है, वह मुर्ख नहीं, वह जानना चाहता है।

मुर्ख तो वह है, जो सब जानने का नाटक करता है।

जो सब समझ के बैठा है, वह गिरने बाला है।

जो कभी संतुष्ट नहीं होता, वह विजय का माला पहनना है।

औरत गुलाब जैसी।

सुगंधित पंखुड़ियां के अंदर छुपी हुई हत्यारा कांटे ऐसी।

सुंदरता एक भयंकर रूप।

जो जीता, वह राजा; जो आत्मसमर्पण किया, वह बेवकूफ़।

Hindi thoughts || two line Hindi thoughts

तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन हो तुम।

कोई दुश्मन तुम्हारा कुछ बिगाड़ नहीं सकेगा, अगर सही रहो तुम।

बेवकूफ़ आदमी बिलकुल सोचता नहीं, पागल ज्यादा सोचता है।

जो अपना सोच और वास्तव स्थिति के बीच संतुलित करता है, वो ही जीवन में सफल बनता है।

अगर विश्वास में तर्क नहीं हो तो, आँखों अंधे हो जाते है।   

अगर काम पर भक्ति नहीं हो तो, जीवन में दिशा खो जाते है।

योगी समझते है संसार का मतलब मृत की जलती चिता।

गृहस्थ को पता है साधना का मतलब पवित्र रूपी अमृता।

अपने आप को कोई बदल नहीं सकते।

समय सब को बदल देते है- आधुकनिकता के सामने परंपरा झुक जाते। 

कुटिल मन संबंधों को कभी सीधा नहीं होने देता।

जितना कोशिश करो सीधा देखने की, दृष्टि हमेशा टेढ़ा बनता।

सिर्फ नौकरी मिलने के लिए परीक्षा पास मत करो, पढ़ाई को प्यार करना शिखो।

ज्ञान में जो रस है, प्रेमी के हृदय में उतना नहीं, आँखे खुलकर देखो।

जानवर हिंसक होते है, लेकिन इंसान चालाक।

इंसान जानवर को बंदी करते है- ह्रदय में बहता हुआ खून बुद्धि को बोले, ‘तलाक’।

सबसे दुखी है मछली- पानी में अगर वो रोये, तो किसको पता चलेगा।

सबसे सुखी है मेंढक- वो चिल्लाके सबको बताता है, उसे दर्द लगा।

कम काम करने से, दिमाग धीमा हो जाते है।

ज्यादा काम करने से, दिमाग में ट्रैफिक जैम हो जाते है।

बाते हवा पे उड़ती है, लेकिन काम धरती का बुनियादी है।

उसे कहने दो के में मूक हु, में खड़ा रहूँगा भूमि पर और वो डूब जायेंगे बालू में।

कम सोचना बेवकूफ़ी है, ज्यादा सोचना है बीमारी।

नेता की तरह मत सोचो, पागल की तरह भी नहीं, रहो इंसान सही।

दिमाग में क्या चल रहा है, ह्रदय को भी नहीं पता।

शुद्ध ह्रदय पढ़ नहीं पता प्रदूषित मन की मूर्खता।

मन के अंदर अंधे कुये की पानी।

बारिश की शुद्धता से मिली हुई धरती की काला पानी।

चालाक मौका का इंतज़ार में रहता है।

सिर्फ बेवकूफ ने उल्लू की तरह चिल्लाता है।

कौन क्या बनेंगे, किसी को नहीं पता।

तुलना वो करता है, जिसे खुद से लड़ना नहीं आता।

Hindi shayari collection || Two line shayari

जो मेहनत करके अमीर होता है, वो जानता है पैसा का कीमत।

जो न मेहनत करके पैसा का मुख देखता है, वो खोता है अपना किस्मत।

चेहरा देख के पाता नहीं लगता, जन्म से भी नहीं।

ढंग और काम देख के पाता चल जाता है, इंसान गलत है या सही।

जैसे सोचोगे, वैसे ही होगा।

भिखारी रोज़ सोचता है, वो कब राजा बनेगा।

बुरा सोच को मन में मत आने दो।

बुरा सोच ही शिखाता है सही रास्ता कहां पर हो।

परिवार में जो अकेले रोजगार करते है, वो सुनाएंगे हमेशा।

टेंशन दिमाग खा लेता है, जो रहता है, वो गुस्सा।

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हर बात में गुस्सा मत हो, करो सही वक्त का इंतज़ार।

जबाब दो एक बात में और बदल दो अनाचार।

मेरे पास फ्लॅट है, गाड़ी है, वो सुनाते रहा।

मेरे पास डिग्री है, मेरा शिष्टाचार ने कहा।

मन भटकती है हवा की तरह बिना किसी उद्देश्य के, उसे कभी मत करो बिश्वास।

लेकिन दिल में हमेशा रहती है सुद्ध बिचार का अहसास। 

जिसे न पसंद है, मन में छुपाके रखो।

सिर्फ खुद को पसंद करो, अच्छे रहो।

शरीर को जैसे रखोगे, वैसे ही रहेगा।

अत्याचार करोगे तो जल्दी मरेगा, अच्छा खिलाओगे तो ज्यादा दिन जियेगा।

जो लोग हँस रहे हैं, हमेशा रहो उसके साथ।

जो लोग रो रहे हैं, मत पकड़ो उसके हाथ।

ज़िन्दगी दो दिन का, हँसो और हँसाते रहो।

सिर्फ मूर्ख रोते हैं, खुद को कहो।

बीमारी धूल की तरह, हवा में घूमती है।

वसूली बारिश की तरह, धूल को भीगा देती है।

चेहरा देख के पता लग जाता है, अंदर में क्या है।

अंदर का सोच ही चेहरा में निकल आता है।

मिटटी की तरह नरम है मनुष्य का मन।

किसी को पता नहीं- कब किसका जूते की छाप लेते है हमारा प्यारा धन।

भावना आग की तरह, इंसान को खा लेता है।

ज्यादा सोचते हुए इंसान पागल हो जाता है।

हम आये थे एक दिन, जाना भी है एक दिन।

सिर्फ चलता हु, बहती हवा में नीरस बीन।

सच्चा इंसान दिल के साथ अपना मन को जोड़ लेता हैं।

दिल और मन अगर अलग रहते हैं, तो इंसान खो जाता हैं।

नौकरी छोड़ो मत।

पहली बार वो खुद आता है, दूसरी बार भी, लेकिन तीसरी बार वो देता है लात। 

ह्रदय हमेशा एक बात ही करता है, जीते रहो।

मन की सोच ही सब कुछ गोलमाल कर देता है।

सही वक्त पर काम अपने से ही हो जाता है।

जो विजेता, वो पहले कोशिश न कर के, इंतज़ार में रहते है।

पिछले ज़माना गुजरा दूसरे की सोच में।

यह ज़माना सिर्फ मेरा है- अगर मैं सुखी, तो दूसरे भी ख़ुशी में।

मशीन के पार्ट्स अगर ख़राब हो गया, बदल लो।

शरीर के पार्ट्स अगर ख़राब हो गया, सम्हाल लो।

खेलों, मन का विकास होगा।

हासों, दिल मजबूत होगा।

देव और दानव मनुष्यों के ह्रदय में रहना हैं।

लड़ाई दूसरे के साथ नहीं, लेकिन खुद के साथ है।

पूजापाठ करने से मन शुद्ध होते है और ह्रदय शांत।

काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार और ईर्ष्या का अन्त।

मन अगर हाथी की तरह पागल है, तो खत्म समृद्धि।

हृदय अगर घोड़े की तरह जंगली है, तो विनाश बुद्धि।  

ग्रह नक्षत्र सिर्फ घूमते हैं इधर उधर।

रेखा अपना मुट्ठी में, नाम अपना काम के आधार।

काम पे लगे रहो प्रेम, भक्ति, एकाग्रता और ईमानदारी के साथ।

बारिश होगी आसमान से, फल के बारे में कभी सोचो मत।

दार्शनिक खुद नहीं जानते के वो दार्शनिक है या नहीं।

उसे सिर्फ यह पता है के उसके पागलपन कोई बीमारी नहीं।

 बचपन का बहुत सारे घटनाएं याद आते है।

क्या सही क्या गलत तब पता नहीं था, लेकिन ज़िन्दगी के बारे में अब मुझे सब कुछ पता है।

शब्दों दुश्मन से भी खतरनाक होते हैं।

दुश्मन घायल करते हैं शरीर, लेकिन शब्दों आत्मा को रुलाते हैं।

Aagg ko bujha deta hai krodh || 2 lines shayari hindi

आग को बुझा देता है क्रोध ।

आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।

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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।

अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।

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जबाब हर बात पे मत दो।

सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।

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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।

जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।

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रिश्ते आसमान की रूप।

आज बारिश, कल धूप।

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बात लहर की तरह।

जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।

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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।

घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।

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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।

समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।

SANKHAJIT BHATTACHARJEE

Scientific Researcher; Molecular Biologist