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Best punjabi shayari || sad shayari on life || whatsapp video status

Umeed te bharosa hun karne ton dar geya e
Khaure kyu duniya to man jeha bhar geya e..!!

Title: Best punjabi shayari || sad shayari on life || whatsapp video status

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Bhull jande asi v tenu || sad shayari || true love shayari || Punjabi status

Saah vich Saah || Punjabi shayari || sad shayari

Hasse ik arse magro yaadan mud gher leya
Sanu kyu bna ke apna satho mooh fer leya..!!
Tere jehi aadat sajjna sanu Na peni ve
Es pgl dil di halat Eda hi rehni ve..!!
Tenu ta trs Na aaya ehna komal akhiyan te
Hnju ajj bhre ne kidda duniya ne takkiya ne..!!
Chad ditte gile eh krne jad fark hi tenu penda naa
Bhull jande asi v tenu je saah vich saah tu lenda naa..!!

ਹੱਸੇ ਇੱਕ ਅਰਸੇ ਮਗਰੋਂ ਯਾਦਾਂ ਨੇ ਮੁੜ ਘੇਰ ਲਿਆ
ਸਾਨੂੰ ਕਿਉਂ ਬਣਾ ਕੇ ਆਪਣਾ ਸਾਥੋਂ ਮੂਹ ਫ਼ੇਰ ਲਿਆ..!!
ਤੇਰੇ ਜਿਹੀ ਆਦਤ ਸੱਜਣਾ ਸਾਨੂੰ ਨਾ ਪੈਣੀ ਵੇ
ਇਸ ਪਾਗਲ ਦਿਲ ਦੀ ਹਾਲਤ ਏਦਾਂ ਹੀ ਰਹਿਣੀ ਵੇ..!!
ਤੈਨੂੰ ਤਾਂ ਤਰਸ ਨਾ ਆਇਆ ਇਹਨਾਂ ਕੋਮਲ ਅੱਖੀਆਂ ਤੇ
ਹੰਝੂ ਅੱਜ ਭਰੇ ਨੇ ਕਿੱਦਾਂ ਦੁਨੀਆਂ ਨੇ ਤੱਕੀਆਂ ਨੇ..!!
ਛੱਡ ਦਿੱਤੇ ਇਹ ਗਿਲੇ ਕਰਨੇ ਜਦ ਫਰਕ ਹੀ ਤੈਨੂੰ ਪੈਂਦਾ ਨਾ
ਭੁੱਲ ਜਾਂਦੇ ਅਸੀਂ ਵੀ ਤੈਨੂੰ ਜੇ ਸਾਹ ਵਿੱਚ ਸਾਹ ਤੂੰ ਲੈਂਦਾ ਨਾ..!!

Title: Bhull jande asi v tenu || sad shayari || true love shayari || Punjabi status


माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry

पहली धड़कन भी मेरी धडकी थी तेरे भीतर ही,
जमी को तेरी छोड़ कर बता फिर मैं जाऊं कहां.

आंखें खुली जब पहली दफा तेरा चेहरा ही दिखा,
जिंदगी का हर लम्हा जीना तुझसे ही सीखा.

खामोशी मेरी जुबान को  सुर भी तूने ही दिया,
स्वेत पड़ी मेरी अभिलाषाओं को रंगों से तुमने  भर दिया.

अपना निवाला छोड़कर मेरी खातिर तुमने भंडार भरे,
मैं भले नाकामयाब रही फिर भी मेरे होने का तुमने अहंकार भरा.

वह रात  छिपकर जब तू अकेले में रोया करती थी,
दर्द होता था मुझे भी, सिसकियां मैंने भी सुनी थी.

ना समझ थी मैं इतनी खुद का भी मुझे इतना ध्यान नहीं था,
तू ही बस वो एक थी, जिसको मेरी भूख प्यार का पता था.

पहले जब मैं बेतहाशा धूल मैं खेला करती थी,
तेरी चूड़ियों तेरे पायल की आवाज से डर लगता था.

लगता था तू आएगी बहुत  डाटेंगी और कान पकड़कर मुझे ले जाएगी,
माँ आज भी मुझे किसी दिन धूल धूल सा लगता है.

चूड़ियों के बीच तेरी गुस्से भरी आवाज सुनने का मन करता है,
मन करता है तू आ जाए बहुत डांटे और कान पकड़कर मुझे ले जाए.

जाना चाहती हूं  उस बचपन में फिर से जहां तेरी गोद में सोया करती थी,
जब काम में हो कोई मेरे मन का तुम बात-बात पर रोया करती थी.

जब तेरे बिना लोरियों  कहानियों यह पलके सोया नहीं करती थी,
माथे पर बिना तेरे स्पर्श के ये आंखें जगा नहीं करती थी.

अब और नहीं घिसने देना चाहती तेरे ही मुलायम हाथों को,
चाहती हूं पूरा करना तेरे सपनों में देखी हर बातों को.

खुश होगी माँ एक दिन तू भी,
जब लोग मुझे तेरी बेटी कहेंगे.

Title: माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry