
bhi meri mohobat se khud
ko tu na bacha saki
arey mujhse bewafayi
karke bhi tujhe kuch mila nahi
par kisi aur se dil laga ke bhi tu kuch na paa saki

चुप रह कर, ये क़माल देखने लगा
उस शिकारी का,ज़ाल देखने लगा
उसने कहा, देखो आ गया समंदर
और मैं अपना, रुमाल देखने लगा
पहले उसने मेरा सर रखा,कंधे पर
फिर वो भीगे हुए,गाल देखने लगा
इसको नया इश्क़,मंज़ूर ही कहां है
दिल फिर पुराना,साल देखने लगा
याद आ गए,फिर उसके गाल मुझे
मैं होली में जब,गुलाल देखने लगा
और जब निवाला देकर,ली फोटो
मुस्कुरा के मैं, हड़ताल देखने लगा
ਗੁੱਸੇ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਫੈਸਲਾ ਨਾ ਕਰੋ ਤੇ
ਖੁਸ਼ੀ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਵਾਅਦਾ ਨਾ ਕਰੋ.🙏
Gusse wich koi fesla na karo te
Khushi wich koi wadda na kro.🙏