बेवफाओ की इस दुनिया में संभल कर चलना दोस्तों…
यहां लोग मोहब्बत से भी बर्बाद कर देते हैं।
Bewafai ke is duniya mein sambhal kar chalana doston,
Yahaan log mohabbat se bhi barbaad kar dete hain.
बेवफाओ की इस दुनिया में संभल कर चलना दोस्तों…
यहां लोग मोहब्बत से भी बर्बाद कर देते हैं।
Bewafai ke is duniya mein sambhal kar chalana doston,
Yahaan log mohabbat se bhi barbaad kar dete hain.
शाम बीती और रात हुई, गमों की फिर बरसात हुई..
तुझे भुलने को फिर से जाम पिया, गलती फिर मेरे हाथ हुई..
फिर से बहक गए लफ्ज मेरे, लफ्जों पे फिर से दात हुई..
दिलजले थे वहां कई मुझ जैसे, उनकी भी इश्क में मात हुई..
वही एक तरह का हर किस्सा, इश्क की भी भला कोई जात हुई..
हर कहानी ख़ुशी से शुरू हुई, ख़तम आंसुओं के साथ हुई..
महफिल को छोड़ चले घर की ओर, तन्हाई से फिर मुलाकात हुई..
तेरी याद बढ़ गई हर जाम के साथ, भला ये भी कोई बात हुई..
koi frk nhi pdta..
Toot chuke hain Puri trah se…
Ab koi aaye..
Chla jaye..
Hmein koi frk nhi pdta..