Kripa bani rhe mere “sai” ki
Lambi umar ho mere “bhai” ki 🙏❣️
कृपा बनी रहे मेरे साईं की
लम्बी उम्र हो मेरे भाई की 🙏❣️
Kripa bani rhe mere “sai” ki
Lambi umar ho mere “bhai” ki 🙏❣️
कृपा बनी रहे मेरे साईं की
लम्बी उम्र हो मेरे भाई की 🙏❣️
सुना है लोग तुझे आँखें भरकर देखते हैं , है मन में क्या उनके ये तो सवाल कर ।
माना लोगों की फितरत अब अच्छी नहीं , अपनी इज्जत का तू तो ज़रा ख्याल कर ।।
बादस्तूर चलती रही नाराजगी जिंदगी में , वक्त बेवक्त काफिर सा न मेरा हाल कर ।
मेरी आदतों में शूमार है तेरी मोहब्बत का सबब , खुदा का शुक्र मना बेवजह न मलाल कर ।।
बागी मिजाज़ रहा दिल का चाहतों के गुबार में , जिससे कभी मोहब्बत थी उससे अब नफरत भी बेमिसाल कर ।
क्या हुआ जो दुआ भी कुबूल न हुई , हासिल कर अपने दर्द को कुछ तो अब बवाल कर ।।
Vadhere ageyani viakti hi jeevan da Anand maan sakda hai,
Nahi ta vadhere budhimaan viakti apne jivan vich uljheya rehnda hai..
ਵਧੇਰੇ ਅਗਿਆਨੀ ਵਿਅਕਤੀ ਹੀ ਜੀਵਨ ਦਾ ਆਨੰਦ ਮਾਣ ਸਕਦਾ ਹੈ,
ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਵਧੇਰੇ ਬੁੱਧੀਮਾਨ ਵਿਅਕਤੀ ਆਪਣੇ ਜੀਵਨ ਵਿੱਚ ਉਲਝਿਆ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ”