bharam hai.. to bharam hee rahane do…. jaanata hoon mohobbat nahin hai,
par jo bhee hai… kuchh der to rahane do…
भरम है.. तो भरम ही रहने दो…. जानता हूं मोहोब्बत नहीं है,
पर जो भी है… कुछ देर तो रहने दो…
bharam hai.. to bharam hee rahane do…. jaanata hoon mohobbat nahin hai,
par jo bhee hai… kuchh der to rahane do…
भरम है.. तो भरम ही रहने दो…. जानता हूं मोहोब्बत नहीं है,
पर जो भी है… कुछ देर तो रहने दो…
प्रकृति की बातें सुनाए जाएं, उसकी गाथा कहानी सुनाए जाएं। उठते सूरज की लाली देखो, प्राकृतिक सौंदर्य में खो जाएं।
वृक्षों की छाया को चढ़कर, धरती के गुणगान कर दें। जल की लहरों के रंगों को, रसियों की आवाज़ बना दें।
बारिश की बूँदों का मेल मिलाप, आकर्षण भरी मधुर ध्वनि। हरा-भरा वन आपको बुलाए, अपार प्राकृतिक खजानी।
पर्वतों की ऊँचाइयों से, नदी की धार करे बहती। महकती हवाओं की लहरों में, खुद को आप गंभीर करें।
प्रकृति की रचनाओं को देखो, सुंदरता में जीवन का रंग है। आओ इसे समझें, इसे प्यार करें, प्रेम से हमेशा संग रहें, संग हैं।
Meri zulfon ke gehro mein sukoon mile toh kehna,
Lambi si raatein ab mere saath choti lagne lage toh kehna,
Aur mujhse door rehkr bhi, mujhi si pyaar kr sako toh kehna..
Kyunki iss baar mohabbat nibha pao toh hi rehna.