जय भारतीय किसान
तुमने कभी नहीं किया विश्राम
हर दिन तुमने किया है काम
सेहत पर अपने दो तुम ध्यान
जय भारतीय किसान.
अपना मेहनत लगा के
रूखी सूखी रोटी खा के
उगा रहे हो तुम अब धान
जय भारतीय किसान.
तरुण चौधरी
जय भारतीय किसान
तुमने कभी नहीं किया विश्राम
हर दिन तुमने किया है काम
सेहत पर अपने दो तुम ध्यान
जय भारतीय किसान.
अपना मेहनत लगा के
रूखी सूखी रोटी खा के
उगा रहे हो तुम अब धान
जय भारतीय किसान.
तरुण चौधरी

ki likhiyaa kise mukkadar c
hathan diyaan chaar lakiraan da
me dard nu kaba keh baitha
te rabb naa rakh baitha peedha da
किसी के पास सब कुछ हो,
तो जलती है दुनियाँ,
किसी के पास कुछ ना हो,
तो हँसती है दुनियाँ,
लेकिन मेरे पास तो मेरे माँ-बाप है,
जिसके लिए तरसती है दुनियाँ!
Kisi ke paas sab kuchh ho,
to jalti hai duniyan,
kisi ke paas kuchh na ho,
to hansti hai duniyan,
lekin mere paas to mere maa-baap hai,
jisake lie tarsti hai duniyan!