जय भारतीय किसान
तुमने कभी नहीं किया विश्राम
हर दिन तुमने किया है काम
सेहत पर अपने दो तुम ध्यान
जय भारतीय किसान.
अपना मेहनत लगा के
रूखी सूखी रोटी खा के
उगा रहे हो तुम अब धान
जय भारतीय किसान.
तरुण चौधरी
जय भारतीय किसान
तुमने कभी नहीं किया विश्राम
हर दिन तुमने किया है काम
सेहत पर अपने दो तुम ध्यान
जय भारतीय किसान.
अपना मेहनत लगा के
रूखी सूखी रोटी खा के
उगा रहे हो तुम अब धान
जय भारतीय किसान.
तरुण चौधरी
Manneya sajna fzool aa par eda jta te na
Je nhi gl krni sidha kehde eda tarhfa ta na.❤
माना तुम्हे हर बार देखता हूं,
हर बार पहली बार देखता हूं,
देखता हूं तुम्हे जब जुल्फें संवरती हो तुम,
उन जुल्फों को आइना बनके हर बार देखता हूं,
आंखो में रातें और सुर्खी में ग़ुलाब जैसे,
मेरे हाथ खाली जाम तुम्हारे होंठो में शराब जैसे,
जैसे हर बार तुम्हारा वो ख़्वाब देखता हूं,
तुम्हारे हाथों में मेरा दिया वो ग़ुलाब देखता हूं,
वक्त हो तो आना कभी इक हसरत बाकी है,
तुम्हे हर बार की तरह पहली बार देखना बाकी है...