जय भारतीय किसान
तुमने कभी नहीं किया विश्राम
हर दिन तुमने किया है काम
सेहत पर अपने दो तुम ध्यान
जय भारतीय किसान.
अपना मेहनत लगा के
रूखी सूखी रोटी खा के
उगा रहे हो तुम अब धान
जय भारतीय किसान.
तरुण चौधरी
जय भारतीय किसान
तुमने कभी नहीं किया विश्राम
हर दिन तुमने किया है काम
सेहत पर अपने दो तुम ध्यान
जय भारतीय किसान.
अपना मेहनत लगा के
रूखी सूखी रोटी खा के
उगा रहे हो तुम अब धान
जय भारतीय किसान.
तरुण चौधरी
Yeh raat bahut…,
gehri neend mai dale..
Ki na aaye uski yaad…
Hume khudkushi se bacha le…
यह रात बहुत…
गहरी नींद में ढले..
कि न आए उसकी याद…
हमें खुदकुशी से बचा ले…
Likhu…
Toh “lafz” tum ho …
Sochu….
Toh “khayaal” tum ho…
Maangu….
Toh “dua” tum ho…
Sach kahu..
Toh “mohobbat” tum ho…. 😘🥰🥰
लिखूँ…
तो “लफ्ज़” तुम हो…
सोचूँ…
तो “खयाल” तुम हो…
माँगू…
तो “दुआ” तुम हो…
सच कहूँ…
तो “मोहोब्बत” तुम हो…😘🥰🥰