शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
Pyar di khumari idha hai
ki tu door jaan di gal kahe taa v yakeen na howe
♥ਪਿਆਰ ਦੀ ਖੁਮਾਰੀ ਕੁਝ ਇੱਦਾਂ ਹੈ
ਕਿ ਤੂੰ ਦੂਰ ਜਾਣ ਦੀ ਗੱਲ ਕਹੇ ਤਾਂ ਵੀ ਯਕੀਨ ਨ ਹੌਵੇ
गरीबी भी देखी है अमीरी भी देखी है,
फटे थे कपड़े जब वो फकीरी भी देखी है...
हाथों में रोटी थी कटोरे में सिक्के थे,
अनजान चेहरों की बहुत हाज़िरी भी देखी है,
उम्दा सियासत में गुनहगारों की वजीरी भी देखी है...
इंसानियत दम तोड रही थी बंजर दरिया में
वो ढलती शाम मैने आखिरी देखी है...