शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
Tujhse nazrein milayun kaise
Tere pass aayun kaise
Tere pyar mein to kho chuka hu bhut kuch
Ab khud ko bhool jayun kaise
Ye pyas to roz badti hi jati hai
Tujhe ehsaas mein dilayun kaise..!!
तुझसे नज़रे मिलाऊँ कैसे।
तेरे पास आऊँ कैसे।
तेरे प्यार में तो खो चुका हूँ बहुत कुछ।
अब खुद को भूल जाऊँ कैसे।
ये प्यास तो रोज बढ़ती ही जाती है।
तुझे एहसास मैं दिलाऊं कैसे..!!
Har gal saanjhi karni hai
par sahi waqt di udeek hai
haale teri mehfil de vich
saadi chupi hi theek hai
ਹਰ ਗੱਲ ਸਾਝੀ ਕਰਨੀ ਹੈ..
ਪਰ ਸਹੀ ਵਕ਼ਤ ਦੀ ਉਡੀਕ ਹੈ,
ਹਾਲੇ ਤੇਰੀ ਮਹਿਫ਼ਿਲ ਦੇ ਵਿਚ..
ਸਾਡੀ ਚੁੱਪੀ ਹੀ ਠੀਕ ਹੈ।