शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
Enjoy Every Movement of life!
शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
Yeh ishq hi toh hai
Ki hm aaj is haal pe hai
Wrna aalag hi kuch hota
Andaaz hamara…
Sachi mohobat kaha hai aaj ke zamane me
yaha pyar roj bikta hai mehkhane me
सची मोहबत कहा है आज के जमाने मे,
यहाँ प्यार रोज बिकता है मेहखाने में