शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
Bas chlta hun apni raah mein,
Kuch manzil mila nahi karti..
Khamosh hun logo ki afwah se,
Duayein lafzon se gila nahi karti
Chal raha hun baste mein kaanto ko lekar
Jalti dhup paav ke chale sila nhi karti
Thoda ziddi hun is baat ka garoor hai
Kaise ruk jaun beech mein manzil abhi door hai…🙌
बस चलता हूं अपनी राह में,
कुछ मंज़िल मिला नहीं करती…
ख़ामोश हूं लोगो की अपवाह से,
दुआएं लफ़्ज़ों से गिला नहीं करती…
चल रहा हूं बस्ते में कांटों को लेकर,
जलती धूप पांव के छाले सिला नहीं करती…
थोड़ा ज़िद्दी हूं इस बात का गुरूर है,
कैसे रुक जाऊं बीच में मंज़िल अभी दूर है…🙌
Asin tutte taare, ambraan ton ki lainaa
asin tan khud khariyaan de bhandaar
ehna samundraan ton ki laina
ਅਸੀਂ ਟੁਟੇ ਤਾਰੇ, ਅੰਬਰਾਂ ਤੋਂ ਕੀ ਲੈਣਾ
ਅਸੀਂ ਤਾਂ ਖੁਦ ਖਾਰਿਆਂ ਦੇ ਭੰਡਾਰ
ਇਹਨਾਂ ਸਾਮੁੰਦਰਾਂ ਤੋਂ ਕੀ ਲੈਣਾ