शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
ਕਾਸ਼ !!
ਮੈਂ ਜਾਣਦੇ ਹੋਏ ਵੀ ਅਣਜਾਣ ਨਾ ਹੁੰਦਾ
ਕਾਸ਼ !!
ਕਿਸੇ ਪੱਥਰ ਦਿਲ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਨਾ ਹੁੰਦਾ
ਜਾ ਕੋਈ ਇਨਸਾਨ ਪੱਥਰ ਦਿਲ ਨਾ ਹੁੰਦਾ
kaash!!
main jande hoe v anjaan na hunda
kaash!!
kise pathar dil naal pyaar naa hunda
ya koi insaan pathar dil naa hunda
Chand mein baithkar subah ka intzaar karta hu
Thoda kal sochkar aaj izhaar karta hu
Jab bhi meri nadaniyon ne galti karne ki izazat di hai
Tab mere bure waqt ne bhi meri hifazat ki hai..
चांद में बैठकर सुबह का इंतज़ार करता हूं,
थोड़ा कल सोचकर आज इजहार करता हूं…
जब भी मेरी नादानियो ने गलती करने की इजाज़त दी है,
तब मेरे बुरे वक्त ने भी हमेशा मेरी हिफाज़त की है…