शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
Kuch Adhure se khwab yun hi adhure hai aaj
mukkamal se hum kahi na kahi adhure hai aaj
dekh aayna sochte he aaj kya un tute khwab ki tarah hum bhi adhure hai aaj💔
कुछ अधूरे से ख्वाब यूँ ही अधूरे है आज
मुकम्मल से कहीं न कहीं अधूरे हैं आज
देख आईना सोचते हैं आज क्या उन टूटे ख्वाब की तरह हम भी अधूरे हैं आज💔
Dhadkan meri bechen rehti hai aajkal
kyuki tere begair yeh dhadakti kam aur tadapti yada hai
धड़कने मेरी बेचैन रहती है आजकल,
क्यूंकि तेरे बगैर ये धड़कती कम और तड़पती ज्यादा है.