शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
इंतजार मैंने कभी उसका किया नहीं, वो ही थी जो करती थी.. मैं डरता था दुनिया से, वो एक ही मुझसे डरती थी.. ऐसा नहीं के खौफ में थी, बस प्यार वो मुझसे करती थी.. वो एक ही थी, वो एक ही है, जो मेरे लिए बस मरती थी..
Beparwaah de shehar vich hawas de pujaari vasde ne
jithe dilaa te thokraa vajhdiyaa, jisma de mul laghde ne
ਬੇਪਰਵਾਹਾਂ ਦੇ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿੱਚ ਹਵਸ ਦੇ ਪੁਜਾਰੀ ਵੱਸਦੇ ਨੇ,,
ਜਿੱਥੇ ਦਿੱਲਾ ਤੇ ਠੋਕਰਾਂ ਵੱਜਦੀਆਂ,ਜਿਸਮਾ ਦੇ ਮੁੱਲ ਲੱਗਦੇ ਨੇ।