शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
Enjoy Every Movement of life!
शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..

Haaseyaa di bahaar gai, hizrra di patjhadd aai
pyaar ujrreyaa dil vicho, hun nafrat ne feru paai
ਹਾਸਿਆਂ ਦੀ ਬਹਾਰ ਗਈ, ਹਿਝਰਾਂ ਦੀ ਪੱਤਝੜ ਆਈ,,
ਪਿਆਰ ਉਜੜਿਆ ਦਿਲ ਵਿੱਚੋਂ, ਹੁਣ ਨਫ਼ਰਤ ਨੇ ਫੇਰੀ ਪਾਈ।