शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
Jb bhi phone ki ghanti bajti hai
Or naam tumhara aata hai
Hath ka toh pata nhi
Lekin ye dil tumhara phone uthane poch jaata hai😭❤️
Na dwa se na daru se, mera zakham ab bhar sakta hai..
Koi vaid na koi kaadha, mujhe ab thik kar sakta hai..
Mein ishq bimari ki ek aisi had par hoon dosto..
Ke is bimari mein dooba hua, ye jisam ab sirf mar sakta hai..🙃❤️
ना दवा से ना दारू से, मेरा ज़ख्म अब भर सकता है..
कोई वैद ना कोई काढा, मुझे अब ठीक कर सकता है..
मैं इश्क बिमारी की एक ऐसी हद पर हूं दोस्तों..
के इस बीमारी में डूबा हुआ, ये जिस्म अब सिर्फ मर सकता है🙃❤️