
Zindagi de pal hun kujh aise nikle
ke likh gaye meri pyar kahani
jina marzi me bhulna chawa hun
bhuldi ni oh marjani

Zindagi de pal hun kujh aise nikle
ke likh gaye meri pyar kahani
jina marzi me bhulna chawa hun
bhuldi ni oh marjani
जाने कहाँ बैठकर देखती होगी, वो आज जहां भी रहती है..
नाराज़ है वो किसी बात को लेकर, सपनों में आकर कहती है..
मैं याद नहीं करता अब उसको, चुप-चाप देखकर सहती है..
वो चली गई भले दुनिया से, मेरे ज़हन में अब भी रहती है..
उसे चाहता हूँ पहले की तरह, ये तो वो आज भी कहती है..
किसी और संग मुझे देख-ले गर जो, वो आज भी लड़ती रहती है..
ना वो भूली ना मैं भुला, भले भूल गई दुनिया कहती है..
रहती थी पहले भी पास मेरे, मेरे साथ आज भी रहती है..
यू जो हो जाता है सब पे ऐतवारे मोहब्बत…
ये इश्क है या हो गया है बाजारे मोहब्बत….
टुटे दिल की भी कीमत लगा रहे हैं लोग….
क्या खरीदेंगे ये कीरदारे मोहब्बत…
कई लोग आए और चले गए इस बाजार से
बचा ना कि आज तक जमीदारे मोहब्बत
जिसे मिली वो रख न सका, जिसे मिली वो रह न सका
बड़ी बेमन है ये इमंदारे मोहब्बत
दिन या रात गुज़रते ह तुम्हें ही सोच कर महविश
चक रहे ह अब हम भी ये बीमार ए मोहब्बत🥀