Bhulekha na khai kise di soorat dekh ke
aksar vishvaas bna ke lok bahut dhoongi satt marde neਭੁਲੇਖਾ ਨਾ ਖਾਈ ਕਿਸੇ ਦੀ ਸੂਰਤ ਦੇਖ ਕੇ
ਅਕਸਰ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਬਣਾ ਕੇ ਲੋਕ ਬਹੁਤ ਡੂੰਗੀ ਸੱਟ ਮਾਰਦੇ ਨੇ.. ॥
Bhulekha na khai kise di soorat dekh ke
aksar vishvaas bna ke lok bahut dhoongi satt marde neਭੁਲੇਖਾ ਨਾ ਖਾਈ ਕਿਸੇ ਦੀ ਸੂਰਤ ਦੇਖ ਕੇ
ਅਕਸਰ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਬਣਾ ਕੇ ਲੋਕ ਬਹੁਤ ਡੂੰਗੀ ਸੱਟ ਮਾਰਦੇ ਨੇ.. ॥
डाल हिलाकर आम बुलाता तब कोयल आती है। नहीं चाहिए इसको तबला, नहीं चाहिए हारमोनियम, छिप-छिपकर पत्तों में यह तो गीत नया गाती है! चिक्-चिक् मत करना रे निक्की, भौंक न रोजी रानी, गाता एक, सुना करते हैं सब तो उसकी बानी। आम लगेंगे इसीलिए यह गाती मंगल गाना, आम मिलेंगे सबको, इसको नहीं एक भी खाना। सबके सुख के लिए बेचारी उड़-उड़कर आती है, आम बुलाता है, तब कोयल काम छोड़ आती है।
खुद पर रख भरोसा के, रब भी तुझे गैर करेगा.. अपनों की छोड़, तू भी खुद से बैर करेगा... सांस थामकर कर, थोड़े और बुलंद हौंसले कर.. जब निगाहें होगी ज़माने में, रब भी तेरी खैर करेगा...