यादों की गलियों में मिलता है
तोड़ा हुआ दिल, टूटे हुए प्यार के टुकड़े, बिखरे हुए आशिक़ मिल।
बीते हुए लम्हों की मुस्कान बेताबी से चीरती है, प्यार की कहानी के सिलसिले को यादें उधार छीरती है।”
यादों की गलियों में मिलता है
तोड़ा हुआ दिल, टूटे हुए प्यार के टुकड़े, बिखरे हुए आशिक़ मिल।
बीते हुए लम्हों की मुस्कान बेताबी से चीरती है, प्यार की कहानी के सिलसिले को यादें उधार छीरती है।”
Ustaad aw vaariya de gal dil te nhio layi de,
Awa eeki duki picha lg apni tohr nhio ghatye de,
रोशनी भरी थी राहें मेरी, जाने कब अंधेरी हो गई..
मंजिल की तलाश में राहों से यारी, और भी गहरी हो गई..
जिन मंजिलों से लेना-देना ना था, वो बदली और मेरी हो गई..
गैर मंजिलों को इतना वक्त दिया के, खुद मंजिल मेरी खो गई..
खैर कोशिशों में कोई कमी ना थी, जो नाकाम मेरी हो गई..
मेरी मंजिल की तलाश अब भी जारी है, भले क्यूं ना देरी हो गई..
भले क्यूं ना देरी हो गई..