Jehra dil tere layi kade duwawaan karda c
uston tu hun hawan hi khattiyaan
ਜਿਹੜਾ ਦਿਲ ਤੇਰੇ ਲਈ ਕਦੇ ਦੁਵਾਵਾਂ ਕਰਦਾ ਸੀ
ਉਸਤੋਂ ਤੂੰ ਹੁਣ ਹਾਵਾਂ ਹੀ ਖੱਟੀਆਂ
Jehra dil tere layi kade duwawaan karda c
uston tu hun hawan hi khattiyaan
ਜਿਹੜਾ ਦਿਲ ਤੇਰੇ ਲਈ ਕਦੇ ਦੁਵਾਵਾਂ ਕਰਦਾ ਸੀ
ਉਸਤੋਂ ਤੂੰ ਹੁਣ ਹਾਵਾਂ ਹੀ ਖੱਟੀਆਂ
अंकुर मिट्टी में सोया था सपने मै खोया था
नन्हा बीज हवा ने लाकर एक जगह बोया था।
तभी बीज ने ली अंगड़ाई देह जरा सी पाई
आंख खोलकर बाहर आया, दुनिया पड़ी दिखाई
खाद्य मिली पानी भी पाया ऐसे जीवन आया
ऊपर बड़ा इधर, धरती में नीचे उधर समाया।
तने डालिया पत्ते आए और फल मुस्कराए
नन्हा बीज वृक्ष बनकर धरती पर लहराए।
जीता मरता रोगी होता दुख आने पर सोता
वृक्ष सांस लेता बढ़ता है जगता है फिर सोता।
रोज शाम को चिड़िया आती सारी रात बिताती
बड़े सवेरे जाग वृक्ष, पर ची ची ची ची गाती।
छाया आती बड़ी सुआती सब टोली झूट जाती
तरह तरह के खेल वर्क्ष के नीचे बैठ रचती।
eh dil vich raaz badhe
har ik nu keh ni sakde
idaa di aadat ho ai hai
bina ohnu yaad kare asi so nahi rakde
ਏਹ ਦਿਲ ਵਿਚ ਰਾਜ਼ ਬੜੇ
ਹਰ ਇੱਕ ਨੂੰ ਕੇਹ ਨੀਂ ਸਕਦੇ
ਇਦਾਂ ਦੀ ਆਦਤ ਹੋ ਗਈ ਹੈ
ਬਿਨਾਂ ਓਹਨੂੰ ਯਾਦ ਕਰੇਂ ਅਸੀਂ ਸੋ ਨਹੀਂ ਸਕਦੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷