Bure waqt to badal jaata hai
lekin bura waqt aur bure waqt me badle huye insaan yaad reh jaate hai
बुरे वक्त तो बदल जाता हैं,
लेकिन बुरा वक्त और बुरे वक्त मे बदले हुए इंसान याद रह जाते हैं।
Bure waqt to badal jaata hai
lekin bura waqt aur bure waqt me badle huye insaan yaad reh jaate hai
बुरे वक्त तो बदल जाता हैं,
लेकिन बुरा वक्त और बुरे वक्त मे बदले हुए इंसान याद रह जाते हैं।
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।
