Vo shama ki mehfil kya
Jisme dil khaak na ho
Maza to tab hai chahat ka
Jab dil to jale par rakh na ho❤️🔥
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…❤️🔥
Enjoy Every Movement of life!
Vo shama ki mehfil kya
Jisme dil khaak na ho
Maza to tab hai chahat ka
Jab dil to jale par rakh na ho❤️🔥
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…❤️🔥
हो विष्णु तुम धरा के,
हल सुदर्शन तुम्हारा !!
बिना शेष-शैया के ही,
होता दर्शन तुम्हारा !!
पत्थर को पूजने वाले,
क्या समझेंगे मोल तेरा !!
माँ भारती के ज्येष्ठ सुत,
तुमको नमन हमारा !!!
तरुण चौधरी
