Vo shama ki mehfil kya
Jisme dil khaak na ho
Maza to tab hai chahat ka
Jab dil to jale par rakh na ho❤️🔥
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…❤️🔥
Vo shama ki mehfil kya
Jisme dil khaak na ho
Maza to tab hai chahat ka
Jab dil to jale par rakh na ho❤️🔥
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…❤️🔥
माना तुम्हे हर बार देखता हूं,
हर बार पहली बार देखता हूं,
देखता हूं तुम्हे जब जुल्फें संवरती हो तुम,
उन जुल्फों को आइना बनके हर बार देखता हूं,
आंखो में रातें और सुर्खी में ग़ुलाब जैसे,
मेरे हाथ खाली जाम तुम्हारे होंठो में शराब जैसे,
जैसे हर बार तुम्हारा वो ख़्वाब देखता हूं,
तुम्हारे हाथों में मेरा दिया वो ग़ुलाब देखता हूं,
वक्त हो तो आना कभी इक हसरत बाकी है,
तुम्हे हर बार की तरह पहली बार देखना बाकी है...
Main kinna roya haan koi janda ni
Kinne dard ne hasde chehre piche koi pechanda ni
Tetho door hoya haan teri khushi lyi
Unj pyaar ta enna si k koi swaal ni