चाहत के सिलसिले हुए ना कम,
मिलते रहे फेश टू फेश,
सपने में भी मिलना ना हुआ कम।
चाहत के सिलसिले हुए ना कम,
मिलते रहे फेश टू फेश,
सपने में भी मिलना ना हुआ कम।
वो खुद भूखा रहकर तुम्हारा पेट सींच रहा है,
देखो आज,
चेहरे पर मुस्कान लिए भीगी पलकें मीच रहा है,
दो वक्त की रोटी, रोटी देने वालों को नसीब नहीं,
वो कौनसा तुम्हारी भारी जेबों से नोट खीच रहा है....
थोड़ी खुशियां उनकी झोली में भी नसीब हो,
आज दूर है कल वापस मिट्टी के करीब हो,
इक सैलाब ने खूब कोहराम मचाया,
ऐसा ना हो के दूसरा भी करीब हो...
Kade hassi jande haan kade royi jande haan
Lok hunde ne hairan dekh haal mere..
Kuj injh ishq hoyia e naal tere..!!
ਕਦੇ ਹੱਸੀ ਜਾਂਦੇ ਹਾਂ ਕਦੇ ਰੋਈ ਜਾਂਦੇ ਹਾਂ
ਲੋਕ ਹੁੰਦੇ ਨੇ ਹੈਰਾਨ ਦੇਖ ਹਾਲ ਮੇਰੇ
ਕੁਝ ਇੰਝ ਇਸ਼ਕ ਹੋਇਆ ਏ ਨਾਲ ਤੇਰੇ..!!