चाहत के सिलसिले हुए ना कम,
मिलते रहे फेश टू फेश,
सपने में भी मिलना ना हुआ कम।
Enjoy Every Movement of life!
चाहत के सिलसिले हुए ना कम,
मिलते रहे फेश टू फेश,
सपने में भी मिलना ना हुआ कम।
कहां था ना बदल जाओगे, इस वक़्त की तरह
मगर ईतना तो, यह वक़्त भी नहीं बदला
जीतना तुम बदल गए।
Kush najraa sirf mohobbat mngdiya ne…
Samjhiya kr sajjna…
