चाहत के सिलसिले हुए ना कम,
मिलते रहे फेश टू फेश,
सपने में भी मिलना ना हुआ कम।
Enjoy Every Movement of life!
चाहत के सिलसिले हुए ना कम,
मिलते रहे फेश टू फेश,
सपने में भी मिलना ना हुआ कम।
Oh ruseyaa jinni vari har vaar maneya me
palkan ute bitha k dildar baneya me
ਉਹ ਰੁਸਿਆ ਜਿੰਨੀ ਵਾਰੀ ਹਰ ਵਾਰ ਮਨਾਇਆ ਮੈਂ
ਪਲਕਾਂ ਉਤੇ ਬਿਠਾ ਕੇ ਦਿਲਦਾਰ ਬਣਾਇਆ ਮੈਂ
तुझें कुछ भी न करना हैं,
मुझको दिवाना बनाने के लिए,
तेरी ये आंखों का काजल ही काफी है,
मेरी धड़कनों को बढ़ाने के लिए….
पाया तुझें तो सपने भी सच लगने लगे,
तुम अज़नबी से आज मेंरे अपने लगने लगे,
होता नहीं यकीन अपने खुद के किस्मत पर,
तुम मेरी धड़कन में कुछ इस तरह बसने लगे..