Chain Na mile din rain Na mile
Ki kar ditta ishq halatan ne..!!
Menu pagl karke rakhta e
ehna athre jehe jajbata ne..!!
ਚੈਨ ਨਾ ਮਿਲੇ ਦਿਨ ਰੈਨ ਨਾ ਮਿਲੇ
ਕੀ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਇਸ਼ਕ ਹਾਲਾਤਾਂ ਨੇ..!!
ਮੈਨੂੰ ਪਾਗਲ ਕਰਕੇ ਰੱਖ ਦਿੱਤਾ ਏ
ਇਹਨਾਂ ਅੱਥਰੇ ਜਿਹੇ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਨੇ..!!
Chain Na mile din rain Na mile
Ki kar ditta ishq halatan ne..!!
Menu pagl karke rakhta e
ehna athre jehe jajbata ne..!!
ਚੈਨ ਨਾ ਮਿਲੇ ਦਿਨ ਰੈਨ ਨਾ ਮਿਲੇ
ਕੀ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਇਸ਼ਕ ਹਾਲਾਤਾਂ ਨੇ..!!
ਮੈਨੂੰ ਪਾਗਲ ਕਰਕੇ ਰੱਖ ਦਿੱਤਾ ਏ
ਇਹਨਾਂ ਅੱਥਰੇ ਜਿਹੇ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਨੇ..!!
चलेगी जब तेरी यादों की पुरवाई तो क्या होगा
पुरानी चोट कोई फिर उभर आई तो क्या होगा,
मुहब्बत ख़ुद ही बन बैठी तमाशाई तो क्या होगा
न हम होंगे, न तुम होंगे, न तनहाई तो क्या होगा,
मुहब्बत की झुलसती धूप और काँटों भरे रस्ते
तुम्हारी याद नंगे पाँव गर आई तो क्या होगा,
ऐ मेरे दिल तू उनके पास जाता है तो जा, लेकिन
तबीअत उनसे मिलकर और घबराई तो क्या होगा,
लबों पर हमने नक़ली मुस्कराहट ओढ़ तो ली है
किसी ने पढ़ ली चेह्रे से जो सच्चाई तो क्या होगा,
सुना तो दूँ मुहब्बत की कहानी मैं तुम्हें लेकिन
तुम्हारी आँख भी ऐ दोस्त भर आई तो क्या होगा,
ख़ुदा के वास्ते अब तो परखना छोड़ दे मुझको
अगर कर दी किसी ने तेरी भरपाई तो क्या होगा..
दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के
वो जा रहा है कोई शब-ए-ग़म गुज़ार के
वीराँ है मैकदा ख़ुम-ओ-साग़र उदास है
तुम क्या गये के रूठ गये दिन बहार के
इक फ़ुर्सत-ए-गुनाह मिली वो भी चार दिन
देखे हैं हमने हौसले परवर-दिगार के
दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया
तुझ से भी दिल फ़रेब हैं ग़म रोज़गार के
भूले से मुस्कुरा तो दिये थे वो आज ‘फ़ैज़’
मत पूछ वलवले दिलए-ना-कर्दाकार के