Chal roohan ch mil jisma ton adikh ho jayiye
Jiwe pani vich boonda ovein ikk-mikk ho jayiye..!!
ਚੱਲ ਰੂਹਾਂ ‘ਚ ਮਿਲ ਜਿਸਮਾਂ ਤੋਂ ਅਦਿੱਖ ਹੋ ਜਾਈਏ
ਜਿਵੇਂ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਬੂੰਦਾਂ ਓਵੇਂ ਇੱਕ-ਮਿੱਕ ਹੋ ਜਾਈਏ..!!
Chal roohan ch mil jisma ton adikh ho jayiye
Jiwe pani vich boonda ovein ikk-mikk ho jayiye..!!
ਚੱਲ ਰੂਹਾਂ ‘ਚ ਮਿਲ ਜਿਸਮਾਂ ਤੋਂ ਅਦਿੱਖ ਹੋ ਜਾਈਏ
ਜਿਵੇਂ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਬੂੰਦਾਂ ਓਵੇਂ ਇੱਕ-ਮਿੱਕ ਹੋ ਜਾਈਏ..!!
सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
घर मेरा एक बरगद है…..
मेरे पापा जिसकी जड़ है…!!
घनी छायो है मेरी माँ..
यही है मेरे आसमान…!!
पापा का है प्यार अनोखा..
जैसे शीतल हवा का झोका …!!
माँ की ममता सबसे प्यारी …
सबसे सुंदर सबसे नयारी….!!
हाथ पकड़ चलना सिखलाते
पापा हमको खूब घूमते ….!!
माँ मलहम बनकर लग जाती …
जब भी हमको चोट सताती..!!
माँ पापा बिन दुनिया सुनी
जैसे तपती आग की धुनी..!!
माँ ममता की धारा है …
पिता जीने का सहारा है…!!