
Dil vich rakhiyan sab fikran nu kadd ke..!!
Chale jande ne oh aksar laparwah ho ke
Menu raat de hanereyan ch ikalleya Chadd ke..!!

Didaar di talab howe taan nazraan tikaa ke rakhi
Kyuki “nakaab” howe ja “naseeb” sarakda jaroor aa
ਦੀਦਾਰ ਦੀ ਤਲਬ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਟਿਕਾ ਕੇ ਰੱਖੀਂ,
ਕਿਉਂਕਿ “ਨਕਾਬ” ਹੋਵੇ ਜਾਂ “ਨਸੀਬ” ਸਰਕਦਾ ਜਰੂਰ ਆ.. ॥
सदा तुम नफरत करते हो ,पर तुमको मुझसे प्यार हैं
मेरा प्रेम हैं हल्का फुल्का , पर ये नफरत तुम पर ही भार हैं |
जो नफरत बन फुट पड़ी हैं , बस वही प्यार का सार हैं
चाहे जितनी शिद्दत कर लो , मुझको यह स्वीकार हैं ,
भैया तुम क्या जानो कितना प्यार मुझसे करते हो
अपने दिल के हाथों तुम , इतना क्यों बेजार हो
तेरे दर पर जब आउंगी क्या दूर खड़े ही पाओगे
निश्चल जड़ बन खड़े रहोगे , आँख में भर ना पाओगे |
मामा कह जब वे दौड़ेंगे ,क्या उन्हें गोद में न ले पाओगे
बच्चों की मुस्कान देख तुम , क्या निष्ठुर रह पाओगे
जब शादी होगी तेरी तो क्या जीजू से द्वेष मनाओगे
बहने करती हैं जो रश्मे ,वो किस्से करवाओगे
कोन करेगा टिका तेरा , हल्दी किससे लगवाओगे
बहन से होगी इतनी नफरत तो, गैरो से खाक निभाओगे
प्यार में ज्यादा शक्ति हैं या नफरत में हैं बताओगे
मैं तुम्हे चुनोती देती हैं , तुम नफरत करके दिखलाओगे
तुम गुस्से को मत शांत करो ,और नफरत मुझेसे करते रहना
स्नेह की अग्नि पावन हैं , तुम ही पिघलोगे ये कहती बहना