Skip to content

Chand || hindi love shayari || pyar shayari

Har dill ♥️ Diwana hai tumhara,
sara zamana ashiq hai tumhara
kaise khdu ki tum Chand Ka tukda ho
kyuki Chand bhi tukda hai tumhara 🥀🌜

हर दिल ♥️ दिवाना है तुम्हारा,
सारा जमाना आशिक है तुम्हारा,
कैसे कह दू कि तुम चाँद  का टुकडा हो
क्यो कि चाँद भी टुकडा है तुम्हारा 🥀🌜

Title: Chand || hindi love shayari || pyar shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Tu Chaave ya na || Pure love from heart Punjabi shayari

TU CHAAVE YA NA || PURE LOVE FROM HEART PUNJABI SHAYARI
Tu chaave ya na chaave mai tenu dilo chaavanga
pave lakh koshisha tu kar le na tenu bhull pavanga
je hove kise gal da shikwa das dayi sharmavi na..
mai ki tenu maadha bolna mai tere layi taare v mul le avaanga




Camel ki gardan || akbar birbal kahani

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: Camel ki gardan || akbar birbal kahani