Changi tarah yaad ne mere gunaah mainu
ik tan mohobbat kar lai
dujha tere naal kar lai
teeja be-hisaab kar lai
ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਯਾਦ ਨੇ ਮੇਰੇ ਗੁਨਾਹ ਮੈਨੂੰ
ਇੱਕ ਤਾਂ ਮੁੱਹਬਤ ਕਰ ਲਈ
ਦੂਜਾ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਕਰ ਲਈ_
ਤੀਜਾ ਬੇ-ਹਿਸਾਬ ਕਰ ਲਈ..
Changi tarah yaad ne mere gunaah mainu
ik tan mohobbat kar lai
dujha tere naal kar lai
teeja be-hisaab kar lai
ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਯਾਦ ਨੇ ਮੇਰੇ ਗੁਨਾਹ ਮੈਨੂੰ
ਇੱਕ ਤਾਂ ਮੁੱਹਬਤ ਕਰ ਲਈ
ਦੂਜਾ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਕਰ ਲਈ_
ਤੀਜਾ ਬੇ-ਹਿਸਾਬ ਕਰ ਲਈ..
यह अधूरा इश्क कब पूरा होगा
होगा भी जा अधूरा रहेगा
ना तुम आए ना पैगाम आया
तुम्हरे पैगाम का कब तक
इंतजार रहेगा
कौन सी जगह है वोह
जहा पर वोह सो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम गलियों मै देख आए
ना गलियों मै वोह मिला
हम बात उसकी कर रहे
हमें छोड़ कर जो गया
नाजने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम पहचान बताते हैं उसकी
सफेद रंग और काले घने बाल है।
कहां रहते हैं वोह कोनसे गांव और शहर में
एकेले थे जा कोई नाल है।
काले रंग की पेंट और कमीज़ पहनते है।
एक हाथ मै डायरी और एक हाथ
मे कलम पकड़ कर रखते हैं।
उनकी चाहत सबसे ज्यादा डायरी से
और वोह डायरी को
सिने से जकड़ कर रखते है।
उनका नाम है हर्ष
जो शायरी करते थे
अब तो नाम उनका गुमनाम सा हो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया।
अगर है प्यार मुझसे तो बताना भी ज़रूरी है
दिया है हुस्न मौला ने दिखाना भी ज़रूरी है
इशारा तो करो कभी मुझको अपनी निगाहों से
अगर है इश्क़ मुझसे तो जताना भी ज़रूरी है
अगर कर ले सभी ये काम झगड़ा हो नहीं सकता
ख़ता कोई नजर आए छुपाना भी ज़रूरी है
अगर टूटे कभी रिश्ता तुम्हारी हरकतों से जब
पड़े क़दमों में जाकर फिर मनाना भी ज़रूरी है
कभी मज़लूम आ जाए तुम्हारे सामने तो फिर
उसे अब पेट भर कर के खिलाना भी ज़रूरी है
अगर रोता नजर आए कभी मस्जिद या मंदिर में
बड़े ही प्यार से उसको हँसाना भी ज़रूरी है
~ मुहम्मद आसिफ अली