चार दिन की दोस्ती को कभी यार नही कहते
किसी लडकी के फ्रेंडशिप को प्यार नही कहते…
Char din ke dosti ko kabhi yaar nahi kahte, .
Kisi ladkike frienshipko pyarnahi kahate..
चार दिन की दोस्ती को कभी यार नही कहते
किसी लडकी के फ्रेंडशिप को प्यार नही कहते…
Char din ke dosti ko kabhi yaar nahi kahte, .
Kisi ladkike frienshipko pyarnahi kahate..
Yaad vo aaya hai barsaat ki trah,
Baat karne mein chehkta tha jo koyal ki trah..
याद वो आया है बरसात में बादल की तरह,
बात करने में चहकता था जो कोयल की तरह।
उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं
इक बीमार वसीयत करने वाला है
रिश्ते नाते जीभ निकाल बैठे हैं
बस्ती का मामूल पे आना मुश्किल है
चौराहे पर वर्दी वाले बैठे हैं
धागे पर लटकी है इज़्ज़त लोगों की
सब अपनी दस्तार सँभाले बैठे हैं
साहब-ज़ादा पिछली रात से ग़ायब है
घर के अंदर रिश्ते वाले बैठे हैं
आज शिकारी की झोली भर जाएगी
आज परिंदे गर्दन डाले बैठे हैं