चार दिन की दोस्ती को कभी यार नही कहते
किसी लडकी के फ्रेंडशिप को प्यार नही कहते…
Char din ke dosti ko kabhi yaar nahi kahte, .
Kisi ladkike frienshipko pyarnahi kahate..
चार दिन की दोस्ती को कभी यार नही कहते
किसी लडकी के फ्रेंडशिप को प्यार नही कहते…
Char din ke dosti ko kabhi yaar nahi kahte, .
Kisi ladkike frienshipko pyarnahi kahate..
कभी लगता है इस जिन्दगी में खुशियां बेशुमार है,
तो कभी लगने लगता है जिन्दगी ही बेकार है।
कभी लगता है लोगो में बहुत प्यार है,
तो कभी लगता है रिश्तों में सिर्फ दरार है ।
कभी लगता है हम भी जिन्दगी जीने के लिए बेकरार है ,
तो कभी कभी लगता है सिर्फ हमे मौत का इंतजार है ।
कभी लगता है हमको भी उनसे प्यार है,
तो कभी लगता है सिर्फ प्यार का बुखार है।
कभी लगता है शायद उनको भी हमसे इजहार है,
फिर लगता है हम दोनों में तो सिर्फ तकरार है ।
कभी लगता है सब अपने ही यार है,
फिर लगता है इनमें भी छिपे गद्दार है ।
कभी लगता है कितना प्यारा संसार है ,
तो कभी लगता है ये संसार बस संसार है ।
Ohde ishq ch pe ke || punjabi shayari || love shayari
Ohde ishq ch pe ke rabb bhul Bethe asi..
Esa pagl kar gya menu Pyar mera..!!
Odi har gll pathrr te lekir lgdi e..
Kuj Eda da e uste e aitbar mera..!!
Noor rabb da oh rbbi jhalk dikhla jnda e
Te Loki pushde ne kesa e yaar mera..!!
ਓਹਦੇ ਇਸ਼ਕ ‘ਚ ਪੈ ਕੇ ਰੱਬ ਭੁੱਲ ਬੈਠੇ ਅਸੀਂ
ਐਸਾ ਪਾਗਲ ਕਰ ਗਿਆ ਮੈਨੂੰ ਪਿਆਰ ਮੇਰਾ..!!
ਓਹਦੀ ਹਰ ਗੱਲ ਪੱਥਰ ਤੇ ਲਕੀਰ ਲਗਦੀ ਏ
ਕੁਝ ਏਦਾਂ ਦਾ ਏ ਉਸ ‘ਤੇ ਇਤਬਾਰ ਮੇਰਾ..!!
ਨੂਰ ਰੱਬ ਦਾ ਉਹ ਰੱਬੀ ਝਲਕ ਦਿਖਲਾ ਜਾਂਦਾ ਏ
ਤੇ ਲੋਕੀ ਪੁੱਛਦੇ ਨੇ ਕੈਸਾ ਏ ਯਾਰ ਮੇਰਾ..!!