Char dina di zindagi kehnde
Fer khaure kidhre luk jana..!!
Hass khed lai ki pta kad
Char dina ne mukk jana❤️..!!
ਚਾਰ ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਕਹਿੰਦੇ
ਫਿਰ ਖੌਰੇ ਕਿੱਧਰੇ ਲੁਕ ਜਾਣਾ..!!
ਹੱਸ ਖੇਡ ਲੈ ਕੀ ਪਤਾ ਕਦ
ਚਾਰ ਦਿਨਾਂ ਨੇ ਮੁੱਕ ਜਾਣਾ❤️..!!
Char dina di zindagi kehnde
Fer khaure kidhre luk jana..!!
Hass khed lai ki pta kad
Char dina ne mukk jana❤️..!!
ਚਾਰ ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਕਹਿੰਦੇ
ਫਿਰ ਖੌਰੇ ਕਿੱਧਰੇ ਲੁਕ ਜਾਣਾ..!!
ਹੱਸ ਖੇਡ ਲੈ ਕੀ ਪਤਾ ਕਦ
ਚਾਰ ਦਿਨਾਂ ਨੇ ਮੁੱਕ ਜਾਣਾ❤️..!!
कभी लगता है इस जिन्दगी में खुशियां बेशुमार है,
तो कभी लगने लगता है जिन्दगी ही बेकार है।
कभी लगता है लोगो में बहुत प्यार है,
तो कभी लगता है रिश्तों में सिर्फ दरार है ।
कभी लगता है हम भी जिन्दगी जीने के लिए बेकरार है ,
तो कभी कभी लगता है सिर्फ हमे मौत का इंतजार है ।
कभी लगता है हमको भी उनसे प्यार है,
तो कभी लगता है सिर्फ प्यार का बुखार है।
कभी लगता है शायद उनको भी हमसे इजहार है,
फिर लगता है हम दोनों में तो सिर्फ तकरार है ।
कभी लगता है सब अपने ही यार है,
फिर लगता है इनमें भी छिपे गद्दार है ।
कभी लगता है कितना प्यारा संसार है ,
तो कभी लगता है ये संसार बस संसार है ।
मयकदे में बैठ कर जाम इश्क़ के पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
मोहब्बत भी कि, वफा भी रास आई,
थामा जब हाथ उसका तो जैसे ज़िन्दगी पास आई…
बंद आंखों में एहसासों को जी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
इश्क़ दिल से किया कलम से दास्तां लिखा,
मै ज़मीन पर सही उसे आसमां लिखा,
कुछ बिखरे लम्हों को पलकों के धागों से सी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
नजदीकियों का डर है, थोड़ा गुमराह हूं,
ना जाने धड़कने क्यों तेज़ है, मै भी तो हमराह हूं,
लग रहा है मै भवरा बन फूलों से खुशबू पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
सुबह कुछ दस्तक दी शाम को वो लम्हें चल दिए,
वक्त की बंदिशें थी हम भी उनके पीछे चल दिए…
अगली सुबह के इंतज़ार में वक्त का दरिया पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों अब मै ख़्वाबों को जी रहा हूं…