
ajh v je rove tu mai hsa ke tenu jaunga
paave bhula de saanu tu bure sapne de wang
paave bhula de sanu tu bure sapne de wang
par vekhi akhaa meech ke mera chehra cheta auga

Andhera mit ta nhi mitana padta hai
Bujhe chirag ko fir se jalana padhta hai
Andhera mitane ke liye nazriya badalna padega
Bas nazriya badal do bujha chirag fir se jal jayega..
अंधेरा मिटता नहीं! मिटाना पडता है!
बुझे चिराग को फिर से जलाना पड़ता है।
अंधेरा मिटाना के लिए नज़रिया बदलना पड़ेगा।
बस नज़रिया बदल दो बुझा चिराग फिर से जल जाएगा
नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया, मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया। फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर, गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया। सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो, नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया। कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत, सद्भावना के फूल पिरोता चला गया। जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं, विश्वास अपने आप पर होता चला गया। अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां, मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया। उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग, हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...