Shad dila meryaa dil de ke rog lawa lawega
even bekadre lokan piche kadar gawa lawenga
ਛੱਡ ਦਿਲਾ ਮੇਰਿਆ ਦਿਲ ਦੇ ਕੇ ਰੋਗ ਲਵਾ ਲਵੇਗਾਂ
ਐਵੇਂ ਬੇਕਦਰੇ ਲੋਕਾਂ ਪਿੱਛੇ ਕਦਰ ਗਵਾ ਲਵੇਂਗਾ
Shad dila meryaa dil de ke rog lawa lawega
even bekadre lokan piche kadar gawa lawenga
ਛੱਡ ਦਿਲਾ ਮੇਰਿਆ ਦਿਲ ਦੇ ਕੇ ਰੋਗ ਲਵਾ ਲਵੇਗਾਂ
ਐਵੇਂ ਬੇਕਦਰੇ ਲੋਕਾਂ ਪਿੱਛੇ ਕਦਰ ਗਵਾ ਲਵੇਂਗਾ
ਫੂਕ ਮਾਰ ਕੇ ਹਰ ਇਕ ਫਿਕਰ ਉਡਾਈ ਜਾ ਮੌਤ ਨਹੀਂ ਜਦ ਤੱਕ ਆਂਉਦੀ ਜਸ਼ਨ ਮਨਾਈ ਜਾ ਸਾਹਾਂ ਵਾਲੀ ਮਾਲਾ ਜਿਸ ਨੇ ਬਖਸ਼ੀ ਏ ਹਰ ਮਣਕੇ ਨਾਲ ਓਹਦਾ ਨਾਮ ਧਿਆਈ ਜਾ….🙏🏻❤️
fuk mar ke haar ek fikr udayi ja maut Nhi jad tak aundi jashan manyi ja Saha wli mala jis ne bkshi aee haar manke naal ohada naam dhiya ja…🙏🏻❤️
बादशाह अकबर और बीरबल शिकार पर गए हुए थे। उनके साथ कुछ सैनिक तथा सेवक भी थे। शिकार से लौटते समय एक गांव से गुजरते हुए बादशाह अकबर ने उस गांव के बारे में जानने की जिज्ञासा हुई। उन्होंने इस बारे में बीरबल से कहा तो उसने जवाब दिया—”हुजूर, मैं तो इस गांव के बारे में कुछ नहीं जानता, किंतु इसी गांव के किसी बाशिन्दे से पूछकर बताता हूं।”
बीरबल ने एक आदमी को बुलाकर पूछा—”क्यों भई, इस गांव में सब ठीक-ठाक तो है न?”
उस आदमी ने बादशाह को पहचान लिया और बोला—”हुजूर आपके राज में कोई कमी कैसे हो सकती है।”
“तुम्हारा नाम क्या है?” बादशाह ने पूछा।
“गंगा”
“तुम्हारे पिता का नाम?”
“जमुना”
“और मां का नाम सरस्वती है?”
“हुजूर, नर्मदा।”
यह सुनकर बीरबल ने चुटकी ली और बोला—”हुजूर तुरन्त पीछे हट जाइए। यदि आपके पास नाव हो तभी आगे बढ़ें वरना नदियों के इस गांव में तो डूब जाने का खतरा है।”
यह सुनकर बादशाह अकबर हंसे बगैर न रह सके।