
par aj fir kalam uthayi hai
uski yaad me
waise to #arsh kabhi bolkar byaan nahi karta
par aaj likhega dil ke dard ko apni shayari ke har alfaaz se
Enjoy Every Movement of life!

जो दर्द छुपा था सहमी सी आँखों में उसकी, वक़्त लगा पर दिख गया..
उसे भी शायद कोई गम था ऐसा, जो बेरहम इस जमाने से झिक गया..
आँखें मूंदी कई बार तो उसने, शायद गम को कहीं वो छुपा सके..
मगर हर आंसू जो उसकी आंखों से बहा, अपने हर दर्द की दास्तां लिख गया..
Ab tum nahi mere saath tumahri yaade hai
pehle tumne rulaaeya ab baari tumaahri yaado ki hai
अब तुम नही मेरे साथ तुम्हारी यादें है
पहिले तुमने रूलाया अब बारी तुम्हारी यादों की है ।।