Darr -darr k hun dill ne rehana sikh leya
Kisi nu piyar kr de aa pr chup rehana shik leya
Darr -darr k hun dill ne rehana sikh leya
Kisi nu piyar kr de aa pr chup rehana shik leya
यार में बुराइयां नहीं देखते
प्यार में लड़ाईया नहीं देखते
आंखे चेहरा और बाल बस
हम ओरे की तरह तुम्हे नहीं देखते
अगर नजर के नजरिये से निहारो तो हर नजारा नूर लगता है
मेरा वो प्यार जिसे दुनिया गलत कहती थी मुझे वो आज भी कोहिनूर लगता है
किस्मत ने खेला है ऐसा खेल सब कुछ है मेरे पास मगर मेरा महबूब पास होकर भी दूर लगता है
हाँ वो आज भी मुझको कोहिनूर लगता है प्यार मोहब्बत इश्क जितना कुछ था मेरे पास सब कुछ दे दिया उसको
फिर भी वो किसी और के प्यार में मगरूर लगता है
मेरा महबूब पास होकर भी दूर लगता है मगर फिर भी वो मुझको कहिनूर लगता है…harsh tiwari 🖋