Darr -darr k hun dill ne rehana sikh leya
Kisi nu piyar kr de aa pr chup rehana shik leya
Darr -darr k hun dill ne rehana sikh leya
Kisi nu piyar kr de aa pr chup rehana shik leya
Meri zindagi palla jinne fad rakheya
Din raat Jo khuaban ch paun phera..!!
Oh Jo ucheyan ton vi uche ne
Ohde kadma vassda jahan mera..!!
ਮੇਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦਾ ਪੱਲਾ ਜਿੰਨੇ ਫੜ੍ਹ ਰੱਖਿਆ
ਦਿਨ ਰਾਤ ਜੋ ਖੁਆਬਾਂ ‘ਚ ਪਾਉਣ ਫੇਰਾ..!!
ਉਹ ਜੋ ਉੱਚਿਆਂ ਤੋਂ ਵੀ ਉੱਚੇ ਨੇ
ਓਹਦੇ ਕਦਮਾਂ ‘ਚ ਵੱਸਦਾ ਜਹਾਨ ਮੇਰਾ..!!
चलेगी जब तेरी यादों की पुरवाई तो क्या होगा
पुरानी चोट कोई फिर उभर आई तो क्या होगा,
मुहब्बत ख़ुद ही बन बैठी तमाशाई तो क्या होगा
न हम होंगे, न तुम होंगे, न तनहाई तो क्या होगा,
मुहब्बत की झुलसती धूप और काँटों भरे रस्ते
तुम्हारी याद नंगे पाँव गर आई तो क्या होगा,
ऐ मेरे दिल तू उनके पास जाता है तो जा, लेकिन
तबीअत उनसे मिलकर और घबराई तो क्या होगा,
लबों पर हमने नक़ली मुस्कराहट ओढ़ तो ली है
किसी ने पढ़ ली चेह्रे से जो सच्चाई तो क्या होगा,
सुना तो दूँ मुहब्बत की कहानी मैं तुम्हें लेकिन
तुम्हारी आँख भी ऐ दोस्त भर आई तो क्या होगा,
ख़ुदा के वास्ते अब तो परखना छोड़ दे मुझको
अगर कर दी किसी ने तेरी भरपाई तो क्या होगा..