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Dard bhari punjbai shayari || kehrra peer manawa

Pakhdhe de wangu chubdi teri yaad kudhe
has da khed da munda kar gai barbaad kudhe
me luk-luk ke ronda aa
vichodha tera badha hi sataunda aa
tu hi das ja ni me kidhar jawa
tainu bhulaun lai kehdha peer manawa

ਪੱਖੜੇ ਦੇ ਵਾਂਗੂੰ ਚੁਬਦੀ ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਕੁੜੇ,
ਹੱਸ ਦਾ ਖੇਡ ਦਾ ਮੁੰਡਾ ਕਰ ਗਈ ਬਰਬਾਦ ਕੁੜੇ.
ਮੇ ਲੁੱਕ – ਲੁੱਕ ਕੇ ਰੋਂਦਾ ਆ,
ਵਿਸ਼ੋੜਾ ਤੇਰਾ ਬੜਾ hi ਸਤਾਉਂਦਾ ਆ.
ਤੂੰ hi ਦਸ ਜਾ ni ਮੈ ਕਿੱਧਰ ਜਾਵਾ,
ਤੈਨੂੰ ਭਲਾਉਣ ਲਈ ਕੇੜ੍ਹਾ ਪੀਰ ਮਣਾਵਾਂ

✍️Anjaan_deep

Title: Dard bhari punjbai shayari || kehrra peer manawa

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


SO Sad heart broken punjabi shayari || THOHAR

heart breken punjabi shayari || Ni tainu main pyaar kita jive ik kandiyaali thohar nu dil te sajaayiaa jaan bujh k kandhe dil te chubaaye te khoon aakhiyaan raahi vahayiaa

Ni tainu main pyaar kita
jive ik kandiyaali thohar nu dil te sajaayiaa
jaan bujh k kandhe dil te chubaaye
te khoon aakhiyaan raahi vahayiaa



Birbal story in hindi

बीरबल कहाँ मिलेगा     

एक दिन बीरबल बाग में टहलते हुए सुबह की ताजा हवा का आनंद ले रहा था कि अचानक एक आदमी उसके पास आकर बोला, “क्या तुम मुझे बता सकते हो कि बीरबल कहां मिलेगा ?”

“बाग में।” बीरबल बोला।

वह आदमी थोड़ा सकपकाया लेकिन फिर संभलकर बोला, “वह कहां रहता है ?”

“अपने घर में।” बीरबल ने उत्तर दिया।

हैरान-परेशान आदमी ने फिर पूछा, “तुम मुझे उसका पूरा पता ठिकाना क्यों नहीं बता देते ?”

“क्योंकि तुमने पूछा ही नहीं।” बीरबल ने ऊंचे स्वर में कहा।

“क्या तुम नहीं जानते कि मैं क्या पूछना चाहता हूं ?” उस आदमी ने फिर सवाल किया।

“नहीं।’ बीरबल का जवाब था।

वह आदमी कुछ देर के लिए चुप हो गया, बीरबल का टहलना जारी था। उस आदमी ने सोचा कि मुझे इससे यह पूछना चाहिए कि क्या तुम बीरबल को जानते हो ? वह फिर बीरबल के पास जा पहुंचा, बोला, “बस, मुझे केवल इतना बता दो कि क्या तुम बीरबल को जानते हो ?” “हां, मैं जानता हूं।” जवाब मिला।

“तुम्हारा क्या नाम है ?” आदमी ने पूछा।

“बीरबल।” बीरबल ने उत्तर दिया।

अब वह आदमी भौचक्का रह गया। वह बीरबल से इतनी देर से बीरबल का पता पूछ रहा था और बीरबल था कि बताने को तैयार नहीं हुआ कि वही बीरबल है। उसके लिए यह बेहद आश्चर्य की बात थी।

“तुम भी क्या आदमी हो…” कहता हुआ वह कुछ नाराज सा लग रहा था, “मैं तुमसे तुम्हारे ही बारे में पूछ रहा था और तुम न जाने क्या-क्या ऊटपटांग बता रहे थे। बताओ, तुमने ऐसा क्यों किया ?”

“मैंने तुम्हारे सवालों का सीधा-सीधा जवाब दिया था, बस !”

अंततः वह आदमी भी बीरबल की बुद्धि की तीक्ष्णता देख मुस्कराए बिना न रह सका।

Title: Birbal story in hindi