Rabba kujh aisa kar ke
ohnu dard hon te mainu mehsoos na howe
ਰੱਬਾ ਕੁਝ ਐਸਾ ਕਰ ਕਿ
ਉਹਨੂੰ ਦਰਦ ਹੋਣ ਤੇ
ਮੈਨੂੰ ਮਹਿਸੂਸ ਨਾ ਹੋਵੇ
Rabba kujh aisa kar ke
ohnu dard hon te mainu mehsoos na howe
ਰੱਬਾ ਕੁਝ ਐਸਾ ਕਰ ਕਿ
ਉਹਨੂੰ ਦਰਦ ਹੋਣ ਤੇ
ਮੈਨੂੰ ਮਹਿਸੂਸ ਨਾ ਹੋਵੇ
उसकी एक मुस्कुराहट, मेरे दिल की कई हसरतों को जिंदा करती है..
उसके रूप की स्याही मानो, कई रंग मेरे दिल में भरती है..
नजाकत से भरी नजरें जैसे, कह रही हों के मुझपे मरती हैं..
जवाब में मेरी नजरें भी उसे, हाँ में इशारा करती हैं..
कहते-कहते कई बातों को, जुबान कई बार ठहरती है..
मन ही मन काफ़ी कुछ कहकर, कुछ भी कहने से डरती है..
Ishq e teri kiitii hoyi ibadat naal..!!
Beintehaa e teri har ikk aadat naal..!!
ਇਸ਼ਕ ਏ ਤੇਰੀ ਕੀਤੀ ਹੋਈ ਇਬਾਦਤ ਨਾਲ..!!
ਬੇਇੰਤੇਹਾ ਏ ਤੇਰੀ ਹਰ ਇੱਕ ਆਦਤ ਨਾਲ..!!