dard kee deevaar par phariyaad likha karate hain,
har raat tanhaee ko aabaad kiya karate hai…
दर्द की दीवार पर फरियाद लिखा करते हैं,
हर रात तन्हाई को आबाद किया करते है…
Enjoy Every Movement of life!
dard kee deevaar par phariyaad likha karate hain,
har raat tanhaee ko aabaad kiya karate hai…
दर्द की दीवार पर फरियाद लिखा करते हैं,
हर रात तन्हाई को आबाद किया करते है…
Zindgi vich oh aye te chal gye
Ik tute hoye khwab di tra
क्या वक्त ये मेरे दरमियां है,
किसी ने बताया नहीं मुझमें क्या कमियां है,
शाम की खुशियों में गम का अंधेरा क्यूं लाएं,
आज दिल की सुनकर बाहर निकला जाए...
कैद कर लिया है खुद को इन बेड़ियों में,
क्या फर्क है अब मुझमें और कैदियों में,
इन अंजान गलियों में आज थोड़ा फिसला जाए,
आज दिल की सुनकर बाहर निकला जाए...