dard kee deevaar par phariyaad likha karate hain,
har raat tanhaee ko aabaad kiya karate hai…
दर्द की दीवार पर फरियाद लिखा करते हैं,
हर रात तन्हाई को आबाद किया करते है…
dard kee deevaar par phariyaad likha karate hain,
har raat tanhaee ko aabaad kiya karate hai…
दर्द की दीवार पर फरियाद लिखा करते हैं,
हर रात तन्हाई को आबाद किया करते है…
chandi rangiye tainu sone ch madhda
dekhu kive koi me bhae .. na gadhda
ਚਾਂਦੀ ਰੰਗੀਏ ਤੈਨੂੰ ਸੋਨੇ ਚ‘ ਮੜਦਾ
ਦੇਖੂ ਕਿਮੇ ਕੋਈ ਮੈ ਭੈ… ਨਾ ਗੜਦਾ
बंदिशों से अब कैसे खुदकी करूं हिफाज़त मैं,
सवेरे से है मोहब्बत पर, अंधेरों में रहने कि आदत है…
आफ़त है कि चिराग़ का इल्म कैसे होगा,
पता नहीं जब सवेरा होगा तो क्या होगा…
क्या होगा जो खुदसे कर लूं बगावत मै,
जीत लूं खुदको अगर हार जाऊं तो आफ़त है…
हारने का शोंक नहीं लड़ना अब रास नहीं आता,
सब कहते है मुझे तू हरकतों से बाज़ नहीं आता…
देखो, हरकतों में भी मेरी तहज़ीब और शराफत है,
जीत लेंगे दुनिया भी अगर रब की इजाज़त है… 🙃