dard kee deevaar par phariyaad likha karate hain,
har raat tanhaee ko aabaad kiya karate hai…
दर्द की दीवार पर फरियाद लिखा करते हैं,
हर रात तन्हाई को आबाद किया करते है…
dard kee deevaar par phariyaad likha karate hain,
har raat tanhaee ko aabaad kiya karate hai…
दर्द की दीवार पर फरियाद लिखा करते हैं,
हर रात तन्हाई को आबाद किया करते है…
सौ ख्वाबों को मिला के एक ख्वाब देख रखा है ,
ज़िंदगी ने जाने फिर भी क्या हिसाब रखा है ,
तू मशरुफ़ है तेरी अहमत में,
और मैंने तेरे इंतज़ार को संभाल रखा है ।
माना दर्द की सौगात लाता है इश्क़ जाना ,
फिर भी मैंने अपनी मुलाकातों का गुलाब रखा है ,
तेरे साथ ही तो चल रहा है वजूद मेरा ,
तेरी यादों का मैंने एक तकियाँ भिगो रखा है ।
तेरा यू इंतज़ार करवाना ,मेरे दिल को खा जाता है ,
फिर भी तुझसे मिलने का अरमान सजा रखा है ,
कभी आओ खुल के सामने जो मेरे तुम तो दिखाऊ ,
टूटे दिल मे भी तेरे लिए एक महल सजा रखा है ।
………….अजय कुमार ।
shaan se ham tere dil mein rahenge,
teree mohabbat pe jaan nisaar karenge,
dekh ke jalengee hame duniya saaree,
is kadar be-panaah tujhe pyaar karenge…
शान से हम तेरे दिल में रहेंगे,
तेरी मोहब्बत पे जान निसार करेंगे,
देख के जलेंगी हमे दुनिया सारी,
इस कदर बे-पनाह तुझे प्यार करेंगे…