Pachtayi bahot us k darwaze par dastak de kar
dard ki inteha ho gai jab uss ne poocha kon ho tum
Pachtayi bahot us k darwaze par dastak de kar
dard ki inteha ho gai jab uss ne poocha kon ho tum
Tum to ab aaye ho is dasht-e-mohabbat ki taraf
Maine ye khak bahut pahle udayi hai🍃
तुम तो अब आये हो इस दश्त-ए-मोहोब्बत की तरफ़
मैने ये खाक बहुत पहले उड़ाई है🍃
आओ मिलकर पेड़ लगाएं
पृथ्वी को हरा-भरा बनाए
पेड़ों के मीठे फल खाएं
फूलों की सुगंध फैलाएं
पेड़ों से छाया हम पाएं
चारों ओर प्राणवायु फैलाएं
मिट्टी को उपजाऊ बनाएं
भूजल स्तर को यह बढ़ाएं
बारिश का पानी ये ले आए
मिट्टी के कटाव को ये बचाएं
पक्षी इनपर अपना नीड़ बनाए
प्रदूषण से ये हमें बचाएं
जब पेड़ों से लाभ इतना पाएं
तो मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए
इन पेड़ों को क्यूं सताए
इनके संरक्षण की कसम हम खाएं
आओ मिलकर पेड़ लगाएं
आओ मिलकर पेड़ लगाएं…
तरुण चौधरी