Pachtayi bahot us k darwaze par dastak de kar
dard ki inteha ho gai jab uss ne poocha kon ho tum
Enjoy Every Movement of life!
Pachtayi bahot us k darwaze par dastak de kar
dard ki inteha ho gai jab uss ne poocha kon ho tum
सफाई वहां देना चाहिए
जहां उसे सुनने और समझने वाला एक खुला दिमाग हो ,
अगर किसी ने आपको गलत मान लिया है तो
उस पर सफाई देने का मतलब खुद को खुद की नजरों में गिरना है
खवाबों का एक दरिया लिए फिर रहा हु
पूरे होंगे एक दिन सब , इसी का इंतज़ार कर रहा हु ,
दिल उदास, चहरे पर हसी बरकरार है
जी हाँ , मैं अंदर ही अंदर मर रहा हूँ ।
देख दुनियाँ की तमाम शजीशे
यकीनन जो कर रहा हु ,सही कर रहा हूँ ।💯