Pachtayi bahot us k darwaze par dastak de kar
dard ki inteha ho gai jab uss ne poocha kon ho tum
Pachtayi bahot us k darwaze par dastak de kar
dard ki inteha ho gai jab uss ne poocha kon ho tum
अगर नजर के नजरिये से निहारो तो हर नजारा नूर लगता है
मेरा वो प्यार जिसे दुनिया गलत कहती थी मुझे वो आज भी कोहिनूर लगता है
किस्मत ने खेला है ऐसा खेल सब कुछ है मेरे पास मगर मेरा महबूब पास होकर भी दूर लगता है
हाँ वो आज भी मुझको कोहिनूर लगता है प्यार मोहब्बत इश्क जितना कुछ था मेरे पास सब कुछ दे दिया उसको
फिर भी वो किसी और के प्यार में मगरूर लगता है
मेरा महबूब पास होकर भी दूर लगता है मगर फिर भी वो मुझको कहिनूर लगता है…harsh tiwari 🖋
ਮੈਂ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਨਾਲ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਜੋੜ ਲਿਆ
ਅਫ਼ਸੋਸ ਜੇ ਤੇਰੀ ਅੱਖਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਪਿਆਰ ਨੂੰ ਪੜ੍ਹ ਲੈਂਦਾ
ਗੁੱਸਾ ਬਹੁਤ ਚੀਜ਼ਾਂ ਮੇਰੇ ਲਈ ਖ਼ਰਾਬ ਕਰ ਗਿਆ
ਖੱਤਰੀ ਨੂੰ ਹਰ ਵਕਤ ਯਾਦਾਂ ਦਾ ਵਾਪਰੋਲਾ ਤੜਫਾਉਂਦਾ
𝕂ℍ𝔸𝕋ℝ𝕀♠