Pachtayi bahot us k darwaze par dastak de kar
dard ki inteha ho gai jab uss ne poocha kon ho tum
Pachtayi bahot us k darwaze par dastak de kar
dard ki inteha ho gai jab uss ne poocha kon ho tum
कभी थकन के असर का पता नहीं चलता
वो साथ हो तो सफ़र का पता नहीं चलता
वही हुआ कि मैं आँखों में उसकी डूब गया
वो कह रहा था भँवर का पता नहीं चलता
उलझ के रह गया सैलाब कुर्रए-दिल से
नहीं तो दीदा-ए-तर का पता नहीं चलता
उसे भी खिड़कियाँ खोले ज़माना बीत गया
मुझे भी शामो-सहर का पता नहीं चलता
ये मंसबो का इलाक़ा है इसलिए शायद
किसी के नाम से घर का पता नहीं चलता
Teri sadgi😇teri aazizi ❣️teri har adaa kamal hai😍
Mujhe fakhr hai😊 mujhe naaz hai🤗 mera yar bemisaal hai😘
तेरी सादगी😇तेरी आज़ीज़ी❣️ तेरी हर अदा कमाल है😍
मुझे फख्र है😊मुझे नाज़ है🤗मेरा यार बेमिसाल है😘