दर्द💔 कितना है 😃बता नहीं सकता❌
जख्म 🤪कितने है दिखा🤪 नहीं सकता
कि🤔 समझ सको 😬तो समझ लो👍
आँसू गिरे😭 है कितने गिना 🤔नहीं सकता 🤪🤪
Enjoy Every Movement of life!
दर्द💔 कितना है 😃बता नहीं सकता❌
जख्म 🤪कितने है दिखा🤪 नहीं सकता
कि🤔 समझ सको 😬तो समझ लो👍
आँसू गिरे😭 है कितने गिना 🤔नहीं सकता 🤪🤪
तिश्नगी थी मुलाक़ात की,
उस से हाँ मैंने फिर बात की।
दुश्मनी मेरी अब मौत से,
ज़िंदगी हाथ पे हाथ की।
सादगी उसकी देखा हूँ मैं,
हाँ वो लड़की है देहात की।
तुमने वादा किया था कभी,
याद है बात वो रात की।
अब मैं कैसे कहूँ इश्क़ इसे,
बात जब आ गई ज़ात की।
मुझसे क्या दुश्मनी ऐ घटा,
क्यों मेरे घर पे बरसात की।
हमको मालिक ने जितना दिया,
सब ग़रीबों में ख़ैरात की।
तू कभी मिल तो मालूम हो,
क्या है औक़ात औक़ात की।
उलझा रहता हु खयालों में,
तेरी यादों के सवालों में,
जब भी तुझे सोचता हु,
मिल जाती है जवाबों में….