दर्द💔 कितना है 😃बता नहीं सकता❌
जख्म 🤪कितने है दिखा🤪 नहीं सकता
कि🤔 समझ सको 😬तो समझ लो👍
आँसू गिरे😭 है कितने गिना 🤔नहीं सकता 🤪🤪
Enjoy Every Movement of life!
दर्द💔 कितना है 😃बता नहीं सकता❌
जख्म 🤪कितने है दिखा🤪 नहीं सकता
कि🤔 समझ सको 😬तो समझ लो👍
आँसू गिरे😭 है कितने गिना 🤔नहीं सकता 🤪🤪
narazgi tumari | sad shayari
Tum naraz ho mujse..isliye..
Mein naraz Hun khud se

उनके चेहरे की हंसी पर नजर मेरी तब पड़ी, जब शहर में मेरा आना हुआ..
अब उनके चेहरे पर ही रहती है ये हर घड़ी, और उनका मुझे देख शर्माना हुआ..
मेरी नज़रों पे उनकी नज़रों ने लगाई ऐसी हथ-कडी, ना फिर मेरा कभी घर जाना हुआ..
अब नज़रों से सिर्फ वही देखते हैं, जो वो दिखाती है, ना जाने भरा ये हमने, कैसा हर-ज़ाना हुआ..