na akhaan rahi vahe
na kagaj te likhiya jawe
eh dard na muke
dil mere nu jo andron khai jawe
ਨਾ ਅੱਖਾਂ ਰਾਹੀਂ ਵਹੇ
ਨਾ ਕਾਗਜ਼ ਤੇ ਲਿਖਿਆ ਜਾਵੇ
ਇਹ ਦਰਦ ਨਾ ਮੁਕੇ
ਦਿਲ ਮੇਰੇ ਨੂੰ ਜੋ ਅੰਦਰੋਂ ਖਾਈ ਜਾਵੇ
na akhaan rahi vahe
na kagaj te likhiya jawe
eh dard na muke
dil mere nu jo andron khai jawe
ਨਾ ਅੱਖਾਂ ਰਾਹੀਂ ਵਹੇ
ਨਾ ਕਾਗਜ਼ ਤੇ ਲਿਖਿਆ ਜਾਵੇ
ਇਹ ਦਰਦ ਨਾ ਮੁਕੇ
ਦਿਲ ਮੇਰੇ ਨੂੰ ਜੋ ਅੰਦਰੋਂ ਖਾਈ ਜਾਵੇ
Chehre di khamoshi te na ja sajjna
sawaah de thalle hamesha agg dabbi hundi e
ਚਿਹਰੇ ਦੀ ਖਾਮੋਸ਼ੀ ਤੇ ਨਾ ਜਾ ਸੱਜਣਾ
ਸਵਾਹ ਦੇ ਥੱਲੇ ਹਮੇਸ਼ਾ ਅੱਗ ਦਬੀ ਹੁੰਦੀ ਏ
लिखता मैं किसान के लिए
मैं लिखता इंसान के लिए
नहीं लिखता धनवान के लिए
नहीं लिखता मैं भगवान के लिए
लिखता खेत खलियान के लिए
लिखता मैं किसान के लिए
नहीं लिखता उद्योगों के लिए
नहीं लिखता ऊँचे मकान के लिए
लिखता हूँ सड़कों के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
क़लम मेरी बदलाव बड़े नहीं लाई
नहीं उम्मीद इसकी मुझे
खेत खलियान में बीज ये बो दे
सड़क का एक गढ्ढा भर देती
ये काफ़ी इंसान के लिए
लिखता हूँ किसान के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
आशा नहीं मुझे जगत पढ़े
पर जगत का एक पथिक पढ़े
फिर लाए क्रांति इस समाज के लिए
इसलिए लिखता मैं दबे-कुचलों के लिए
पिछड़े भारत से ज़्यादा
भूखे भारत से डरता हूँ
फिर हरित क्रांति पर लिखता हूँ
फिर किसान पर लिखता हूँ
क्योंकि
लिखता मैं किसान के लिए
लिखता मै इंसान के लिए