na akhaan rahi vahe
na kagaj te likhiya jawe
eh dard na muke
dil mere nu jo andron khai jawe
ਨਾ ਅੱਖਾਂ ਰਾਹੀਂ ਵਹੇ
ਨਾ ਕਾਗਜ਼ ਤੇ ਲਿਖਿਆ ਜਾਵੇ
ਇਹ ਦਰਦ ਨਾ ਮੁਕੇ
ਦਿਲ ਮੇਰੇ ਨੂੰ ਜੋ ਅੰਦਰੋਂ ਖਾਈ ਜਾਵੇ
na akhaan rahi vahe
na kagaj te likhiya jawe
eh dard na muke
dil mere nu jo andron khai jawe
ਨਾ ਅੱਖਾਂ ਰਾਹੀਂ ਵਹੇ
ਨਾ ਕਾਗਜ਼ ਤੇ ਲਿਖਿਆ ਜਾਵੇ
ਇਹ ਦਰਦ ਨਾ ਮੁਕੇ
ਦਿਲ ਮੇਰੇ ਨੂੰ ਜੋ ਅੰਦਰੋਂ ਖਾਈ ਜਾਵੇ
कोई भी जहर को मीठा नहीं बताता है।
कल अपने आप को देखा था माँ की आँखों में
ये आईना हमे बूढ़ा नहीं बताता है।
ए अँधेरे देख ले मुँह तेरा काला हो गया
माँ ने आँखे खोल दी घर में उजाला हो गया।
किस तरह वो मेरे गुनाहो को धो देती है
माँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।
बुलंदियों का बड़े से बड़ा नीसान छुआ
उठाया गोद में माँ ने तब आसमान छुआ।
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आयी
मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आयी।
सोलह बसंत पार हुए तो बेटी स्यानी हो जाती है!
गाँव,घर,गली,मुहल्ले मे एक कहानी हो जाती है!
ध्यान से रखना आप सब इस अनमोल रत्न को!
पांव गर फिसले तो मुश्किल जिंदगानी हो जाती है!!
हर्ष ✍️